लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता की बढ़ती ताकत साफ दिखाई दे रही है। प्रदेश में स्टार्टअप (Startups) इकोसिस्टम के विस्तार के साथ महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। प्रदेश में 9,600 से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और यह संख्या करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ आगे बढ़ रही है। टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, हेल्थकेयर और सेवा क्षेत्रों में महिलाएं नवाचार के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति और पहचान बना रही हैं। महिला संचालित स्टार्टअप्स की यह बढ़ती संख्या प्रदेश में बदलती आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को भी दर्शाती है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से उद्यमिता का एक नया मॉडल उभर रहा है, जो आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी विकास को आगे बढ़ा रहा है।
प्रदेश में महिला उद्यमिता के इस विकास के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं की अहम भूमिका मानी जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा लागू स्टार्टअप नीति (Startups Policy) और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने महिलाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित किया है। इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे अपने व्यावसायिक विचारों को वास्तविक उद्यम में बदल पा रही हैं।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से शुरू किया गया निधि (नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हर्नेसिंग इनोवेशन्स) कार्यक्रम महिला स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 25 महिला स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस सहयोग से कई महिला उद्यमियों को अपने नवाचार को आगे बढ़ाने और व्यवसाय को विस्तार देने का अवसर मिला है। स्टार्टअप विशेषज्ञ अजय चतुर्वेदी का कहना है कि शुरुआती दौर में मिलने वाली ऐसी वित्तीय सहायता स्टार्टअप्स के लिए बेहद अहम होती है और इससे नए उद्यमों को टिकाऊ बनने में सहायता मिलती है।
वित्तीय समर्थन के मामले में यूपी स्टार्टअप फंड ( Startups Funds) भी महिलाओं के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। योगी सरकार द्वारा बनाए गए 1000 करोड़ रुपये के यूपी स्टार्टअप फंड में से अब तक लगभग 325 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इनमें 900 से अधिक महिला स्टार्टअप्स को लाभ मिला है। यह वित्तीय सहयोग महिलाओं को अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। कई महिला उद्यमी टेक्नोलॉजी आधारित समाधान, एग्रीटेक प्लेटफॉर्म और सेवा क्षेत्र में नए मॉडल विकसित कर रही हैं। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि नवाचार को भी नई दिशा मिल रही है।

