चमोली। सीमांत जनपद चमोली की सामरिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ (Niti Extreme Ultra Run) ने फिटनेस, पर्यटन और सीमांत विकास का नया संदेश दिया। 31 मई से 2 जून तक चल रहे इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सोमवार को विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” मानते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ (Niti Extreme Ultra Run) इसका जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री (CM Dhami)ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के जरिए सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो पर्यटन संभावनाओं के तेजी से विस्तार का संकेत है।
धामी (CM Dhami)ने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है।” उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी, पर्यटन विभाग, आयोजकों और स्थानीय जनता को बधाई दी।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आयोजन में 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को सम्मानित किया। विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को नकद पुरस्कार और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की संभावना है।

