yogi

माफिया मुख्तार को हुई सजा तो ट्विटर पर छाया योगी का बुलडोजर

461 0

लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को गाजीपुर गैंगेस्टर कोर्ट ने 26 साल पुराने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सोशल मीडिया पर एक बार फिर जबरदस्त समर्थन मिला है।

माफिया मुख्तार अंसारी को सजा मिलने के बाद ट्विटर पर सीएम योगी का बुलडोजर छा गया। हैशटैग योगी बुल्डोजिंग माफिया (#YogiBulldozingMafias) देखते ही देखते ट्विटर के टॉप ट्रेंड पर पहुंच गया। महज दो घंटे में ही इस हैशटैग ने 9 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया।

योगी राज में माफिया मुख्तार पर एक और प्रहार, हुई 10 साल की सजा

वहीं 19 हजार से ज्यादा यूजर्स ने इस हैशटैग के साथ सीएम योगी के बुलडोजर को माफिया को जमींदोज करने वाला बताया। जबकि दो घंटे में 34 हजार से ज्यादा यूजर्स ने लाइक, रिप्लाई और रीट्वीट के जरिए योगी राज की कानून व्यवस्था को अपना समर्थन दिया है।

Related Post

CM Yogi

जीरो टॉलरेंस: साढ़े सात साल में 80 हजार से अधिक अपराधियों को मिली गुनाहों की सजा

Posted by - October 18, 2024 0
लखनऊ: योगी सरकार (Yogi Government) प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों की कमर तोड़ रही है।…
cm yogi

योगी सरकार ने पीड़ित एससी/एसटी परिवारों के लिए आवंटित किए 1400 करोड़ से अधिक रुपये

Posted by - September 27, 2024 0
लखनऊ। योगी सरकार (Yogi Government) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए निरंतर…
पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

Posted by - April 5, 2021 0
पूर्व प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। छापेमारी करने जा रही पुलिस टीम बैरंग वापस लौट रही हैं। शनिवार को जौनपुर में उसके कालीकुत्ती स्थित आवास व अन्य स्थानों पर छापेमारी की गयी  थी लेकिन उसके न मिलने पर पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। इसके अलावा पुलिस टीमों ने राजधानी में धनंजय के करीबी लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका है। मालूम हो कि सूबे की राजधानी लखनऊ में गत छह जनवरी को मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुठभेड़ में मारे जा चुके अजीत सिंह हत्याकांड के शूटरों में एक कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर के बयान के आधार पर लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह को साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित किया था। पुलिस को चकमा देकर धनंजय सिंह ने पिछले महीने पुराने केस में एमपीएमएलए कोर्ट प्रयागराज में आत्मसमर्पण कर दिया था। नैनी सेंट्रल जेल से उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू, सरकार का नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान जब तक लखनऊ पुलिस उसे अजीत हत्याकाण्ड में वारन्ट लेती तब तक गत 31 मार्च को एमपीएमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर हो जाने पर वह गुपचुप तरीके से जेल से रिहा हो गया था। इसे लेकर लखनऊ पुलिस की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद से लखनऊ पुलिस अजीत हत्याकाण्ड में उसे आरोपी मानकर लगातार  छापेमारी कर रही है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसी कड़ी में धनंजय सिंह की तलाश में शनिवार को जौनपुर गयी लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर उसके कालीकुत्ती स्थित आवास पर दबिश दी थी। वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में जमैथा निवासी करीबी आशुतोष सिंह के दीवानी कचहरी रोड स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। पूर्व सांसद के गृह गांव सिकरारा थाना क्षेत्र के बनसफा गांव में भी दबिश दी गयी। मालूम हो कि शनिवार को धनजंय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था।