फिर से नजरबंद की गईं महबूबा मुफ्ती, ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को लेकर बड़ी खबर आ रही है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया है। उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। दरअसल वह त्राल पुलवामा में एक परिवार से मिलने की योजना बना रही थीं। इस परिवार ने आरोप लगाए हैं कि सेना ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की थी। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि त्राल के एक गांव में जाने की कोशिश करने की वजह से उन्हें एक बार फिर उनके घर में ‘बंद’ कर दिया गया है।

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर दी जानकारी

मुफ्ती ने इस बार में जानकारी देते हुए अपने ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए कहा, त्राल में कथित रूप से सेना द्वारा लूटे गए गांव का दौरा करने का प्रयास करने के लिए आज एक बार फिर मुझे मेरे घर में बंद कर दिया गया। यह कश्मीर की वास्तविक तस्वीर है जो भारत सरकार के स्वच्छता और निर्देशित पिकनिक पर्यटन के बजाय आने वाले गणमान्य व्यक्तियों को दिखाया जाना चाहिए।

महबूबा ने पत्रकारों  के शोषण का लगाया आरोप

मालूम हो कि महबूबा मुफ्ती लगातार कई बार केंद्र पर हमलावर रही है। कल ही उन्होंने घाटी में पत्रकारों के शोषण के आरोप लगाए हैं। उन्‍होंने इस संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर स्‍वतंत्र फैक्‍ट फाइंडिंग टीम को जम्‍मू कश्‍मीर भेजने की मांग की है। महबूबा मुफ्ती ने अपने पत्र में कहा कि, ‘हमने देखा है कि जिस तरह से भारतीय संविधान में दिए गए बोलने की स्‍वतंत्रता के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों पर तेजी से हमले हुए हैं, ऐसा खासकर पिछले दो साल में एक असुरक्षित सरकार द्वारा किया गया है।

दरअसल पीडीपी प्रमुख का कहना है कि घाटी के करीब 23 पत्रकारों को सरकार द्वारा नियंत्रण सूची में डाला दिया गया है। जबकि विदेश में पढ़ाई कर रहे स्‍कॉलर्स को भी देश के बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

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