शहीद दिवस 2020

शहीद दिवस 2020 : भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च को दी गई थी फांसी

867 0

नई दिल्ली। भारत की आजादी के लिए 23 मार्च 1931 को हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलने वाले महान स्वंतत्रता सेनानियों शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जब-जब आजादी की बात होगी तब-तब इंकलाब का नारा देने वाले भारत माता के ये वीर सपूत याद किए जाते रहेंगे। ब्रिटिश हुकूमत ने 23 मार्च 1931 को ही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर लटका दिया था।

सजा की तारीख 24 मार्च थी, लेकिन 1 दिन पहले ही फांसी दे गई

भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी दिया जाना भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। बता दें कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने 1928 में लाहौर में एक ब्रिटिश जूनियर पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके लिए तीनों को फांसी की सजा सुनाई थी। तीनों को 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल के भीतर ही फांसी दे दी गई। इस मामले में सुखदेव को भी दोषी माना गया था। सजा की तारीख 24 मार्च थी, लेकिन 1 दिन पहले ही फांसी दे गई थी।

शहीद दिवस : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 88 वीं पुण्यतिथि से पहले पढ़ें पांच विचार

जानें क्या हुआ था फांसी के दिन?

जिस वक्त भगत सिंह जेल में थे, उन्होंने कई किताबें पढ़ीं थी। 23 मार्च 1931 को शाम करीब 7 बजकर 33 मिनट पर भगत सिंह और उनके दोनों साथी सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी गई थी। फांसी पर जाने से पहले वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे।

पाकिस्तान में आज भी है शहीद भगत सिंह का मकान

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के शहीदी दिवस के अवसर पर देश भर में जगह-जगह कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कई जगहों पर शहीदी दिवस को युवा सशक्तीकरण दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसके अलावा कई जगहों पर रक्तदान शिविर लगाया जाता है।

Related Post

मोहन भागवत

सहज रीति से कार्यकर्ता सज्जनों के साथ मिलकर कार्य करें : मोहन भागवत

Posted by - January 25, 2020 0
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पांच दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन के…
PM Modi

यूरोप यात्रा पर जर्मनी पहुंचे पीएम मोदी, जानिए तीन देशो की यात्रा का एजेंडा

Posted by - May 2, 2022 0
जर्मनी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज सुबह यूरोप (Europe) की अपनी तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने जर्मनी (Germany) पहुंचे।…
Narayan dandekar

‘मैंनें जी ली अपनी जिंदगी’…कहकर बुजुर्ग ने युवक को दिया अपना बेड, नहीं रहे तीन दिन बाद

Posted by - April 28, 2021 0
नागपुर। कोरोना माहामारी के बीच एक ऐसी खबर नागपुर से सामने आई है, जिसने इंसानियत की मिसाल पेश करने के…