जानें शरद पूर्णिमा की पूजा विधि, क्या है इसका महत्व

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लखनऊ डेस्क। हिन्‍दू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्‍व है जोकि आज यानि 13 अक्तूबर को मनाया जा रहा है शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, माता लक्ष्‍मी और भगवा विष्‍णु की पूजा का विधान है। आइये इसका क्या है महत्व –

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आपको बता दें इस दिन भगवान कृष्ण ने महारास रचाना आरम्भ करते हैं। गोपिकाओं के अनुराग को देखते हुए भगवान कृष्ण ने चन्द्र से महारास का संकेत दिया। कृष्ण और गोपिकाओं का अद्भुत प्रेम देख कर चन्द्र ने अपनी सोममय किरणों से अमृत वर्षा आरम्भ कर दी जिसमे भीगकर यही गोपिकाएं अमरता को प्राप्त हुईं और भगवान कृष्ण के अमर प्रेम का भागीदार बनीं।

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जानकारी के मुताबिक इस दिन खीर बना कर खुले आसमान के नीचे मध्य रात्रि में रखने का विधान है। रात में चन्द्र कि किरणों से जो अमृत वर्षा होती है, उसके  फल स्वरुप वह खीर भी अमृत सामान हो जाती है।  यह प्रसाद ग्रहण करने से प्राणी मानसिक कष्टों से मुक्ति पा लेता है।

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