केदारनाथ : यहां नहीं टेका मत्था तो अधूरा माना जाएगा बाबा भोले का दर्शन

982 0

डेस्क।  केदानाथ धाम के पट खुल चुके हैं। मंदिर को काफी चमत्कारी माना जाता है।ऐसा ही एक चमत्कार हुआ था साल 2013 में। जब जल आपदा में तीर्थयात्रियों समेत सबकुछ सर्वनाश हो गया था उस समय मंदिर को बिलकुल भी क्षति नहीं पहुंची थी। मंदिर के चमत्कार का ही प्रभाव है कि हर साल कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का जत्था भोलेनाथ के दर्शन के लिए रवाना होता है। इन जगहों पर मत्था टेकना न भूलें क्योंकी इन जगहों पर दर्शन किए बिना आपकी केदारनाथ यात्रा अधूरी मानी जाएगी।

ये भी पढ़ें :-रोजे के दौरान महसूस न हो कमजोरी, इसलिए इन चीजों का करें सेवन 

आपको बता दें केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित इस कुंड में केदारनाथ के अभिषेक  का जल रहता है। कहा जाता है कि यह जल अमृत तुल्‍य है। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु इस अमृतमयी जल को पीते  हैं। मान्यता है यह भी है कि अमृत कुंड के जल से लोगों की त्‍वचा संबंधी बीमारियां भी दूर हो जाती हैं। सनात धर्म में अमृत कुंड के जल को गंगा जल जैसा ही पावन बताया गया है।

ये भी पढ़ें :-शुरू हुआ रमजान का मुबारक महीना, जानें क्या है इस महीने की खासियत 

जानकारी के मुताबिक रेतस कुंड. इसकी ख़ास बात है कि कुंड के पास जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाने पर कुंड में पानी के बुलबुले उठते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त इस जल को पीते हैं वो शिवलोक को प्राप्त होते हैं।

Related Post

पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

Posted by - April 5, 2021 0
पूर्व प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। छापेमारी करने जा रही पुलिस टीम बैरंग वापस लौट रही हैं। शनिवार को जौनपुर में उसके कालीकुत्ती स्थित आवास व अन्य स्थानों पर छापेमारी की गयी  थी लेकिन उसके न मिलने पर पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। इसके अलावा पुलिस टीमों ने राजधानी में धनंजय के करीबी लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका है। मालूम हो कि सूबे की राजधानी लखनऊ में गत छह जनवरी को मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुठभेड़ में मारे जा चुके अजीत सिंह हत्याकांड के शूटरों में एक कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर के बयान के आधार पर लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह को साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित किया था। पुलिस को चकमा देकर धनंजय सिंह ने पिछले महीने पुराने केस में एमपीएमएलए कोर्ट प्रयागराज में आत्मसमर्पण कर दिया था। नैनी सेंट्रल जेल से उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू, सरकार का नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान जब तक लखनऊ पुलिस उसे अजीत हत्याकाण्ड में वारन्ट लेती तब तक गत 31 मार्च को एमपीएमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर हो जाने पर वह गुपचुप तरीके से जेल से रिहा हो गया था। इसे लेकर लखनऊ पुलिस की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद से लखनऊ पुलिस अजीत हत्याकाण्ड में उसे आरोपी मानकर लगातार  छापेमारी कर रही है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसी कड़ी में धनंजय सिंह की तलाश में शनिवार को जौनपुर गयी लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर उसके कालीकुत्ती स्थित आवास पर दबिश दी थी। वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में जमैथा निवासी करीबी आशुतोष सिंह के दीवानी कचहरी रोड स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। पूर्व सांसद के गृह गांव सिकरारा थाना क्षेत्र के बनसफा गांव में भी दबिश दी गयी। मालूम हो कि शनिवार को धनजंय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था।  

अयोध्या विवाद:सरयू तट पर श्रीराम की मूर्ति बनाने से किसी ने रोका तो उसे देख लेंगे-केशव प्रसाद मौर्य

Posted by - November 3, 2018 0
अयोध्या। गुजरात में सरदार वलभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के बाद उत्तरप्रदेश सरकार अयोध्या में सरयू नदी के…