Kashi created a Guinness World Record under the guidance of CM Yogi

सीएम योगी के मार्गदर्शन में काशी ने बनाया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

72 0

वाराणसी/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काशी (Kashi) ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर रविवार को एक नया इतिहास दर्ज कर दिया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे की समयावधि में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। मौके पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा। महापौर ने कहा कि यह महान उपलब्धि पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन से संभव हो सकी।

इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम सुबह से ही डोमरी में मौजूद रही। नगर निगम और विभिन्न सामाजिक व सरकारी संस्थाओं के समन्वय से सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है ।

चीन का रिकॉर्ड ध्वस्त, भारत ने अपने नाम किया रिकॉर्ड-

10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था। रविवार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ऋषि नाथ और विश्व रिकॉर्ड रणनीतिकार निश्चल बारोट ने मौके पर मौजूद रहकर प्रत्येक गतिविधि की निगरानी की। ड्रोन कैमरों और आधुनिक डिजिटल गणना तंत्र के जरिए हुई सटीक पुष्टि के बाद ऋषि नाथ ने आधिकारिक रूप से इस नए रिकॉर्ड की घोषणा की।

60 गंगा घाटों की प्रतिकृति बना ‘शहरी वन’-

इस ‘शहरी वन’ की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट और वैचारिक पृष्ठभूमि है। पूरे वन क्षेत्र को 60 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों जैसे -दशाश्वमेध, ललिता घाट, नया घाट, मणिकर्णिका घाट, केदार घाट, चौसट्टी घाट, मान मंदिर घाट और शीतला घाट के नाम पर रखा गया है। यह बनावट ऐसी है कि भविष्य में जब ये पौधे वृक्ष बनेंगे, तो गंगा किनारे एक हरा-भरा ‘मिनी काशी’ का स्वरूप नजर आएगा।

प्रत्येक सेक्टर में लगभग 4,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों और अश्वगंधा, शतावरी व गिलोय जैसी औषधियों को प्राथमिकता दी गई है। यह परियोजना न केवल पर्यावरण को सुधारेगी, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम के लिए आय का एक बड़ा स्रोत भी बनेगी।

पौधरोपण के लिए जनभागीदारी का महाकुंभ-

इस विश्व रिकॉर्ड को बनाने के पीछे महीनों की तैयारी और हजारों हाथों का सामूहिक श्रम शामिल है। रविवार की सुबह से ही डोमरी में भारी उत्साह का माहौल रहा। इस महाभियान में बड़ी संख्या में स्कूल-कालेजों के अलावा कई संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

पुलिस एवं सैन्य बल रहा तैनात-

भारतीय सेना के 39 जीटीसी, 34 जीटीसी, 39 जीआर, और 137 सीएफटीएफ (टीए) के जवानों ने अनुशासन की मिसाल पेश की। वहीं एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) और उत्तर प्रदेश पुलिस की 36वीं व 39वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने पूरी ऊर्जा के साथ पौधरोपण किया।

छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा-

नमामि गंगे, उत्तर प्रदेश वन विभाग, कृषि विभाग, डूडा और नगर निगम की टीमों ने तकनीकी प्रबंधन और सिंचाई की व्यवस्था संभाली। काशी विद्यापीठ, यूपी कालेज, देहरादून पब्लिक स्कूल, मुकुलारेंडम स्कूल के हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम को एक जन-आंदोलन में बदल दिया।

सिंचाई की स्मार्ट तकनीक-

इन पौधों को जीवित रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वन क्षेत्र में 10,827 मीटर लंबी अत्याधुनिक पाइपलाइन बिछाई गई है। 10 बोरवेल और 360 ‘रेन गन’ सिस्टम के जरिए सिंचाई की ऐसी व्यवस्था की गई है कि पानी की बर्बादी न हो। मियावाकी तकनीक के कारण ये पौधे सामान्य की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ेंगे और मात्र दो से तीन वर्षों में यह क्षेत्र एक सघन ‘ऑक्सीजन बैंक’ का रूप ले लेगा। जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक कम जगह में घना जंगल उगाने के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ-

यह परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बनेगी। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के तहत तीसरे वर्ष से ही निगम को दो करोड़ रुपये की आय होने लगेगी, जो सातवें वर्ष तक सात करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुँच सकती है।

पौधरोपण के दौरान मौजूद गणमान्य-

कार्यक्रम के दौरान बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी , महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, अश्वनी त्यागी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व श्याम भूषण शर्मा उपस्थित रहे। महापौर ने कहा कि यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का एक अनूठा उदाहरण है। प्रशासन की टीमें स्थल पर डटी रहीं और अंततः काशी ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि काशी न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। ढाई लाख पौधों की यह नई सौगात काशी (Kashi) के माथे पर एक और गौरवपूर्ण तिलक है।

-अशोक कुमार तिवारी, महापौर

Related Post

Ladakh

लद्दाख में सेना ने मेड इन इंडिया इन्फैंट्री लड़ाकू वाहनों की तैनाती

Posted by - June 24, 2022 0
लद्दाख: मेड इन इंडिया इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स (Infantry Combat Vehicles) को लद्दाख (Ladakh) में अग्रिम क्षेत्रों में शामिल किया गया…
JP Nadda

हरिद्वार पहुंचे नड्डा, संतों ने त्रिशुल भेंटकर दिया विजयश्री का आशीर्वाद

Posted by - April 5, 2024 0
हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) अपने चुनावी दौरे पर शुक्रवार को तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचे…
राष्ट्रीय मतदाता दिवस

मतदान को पुनीत कर्तव्य मान , देशवासी मताधिकार का करें प्रयोग: एम वेंकैया नायडू

Posted by - January 25, 2020 0
नई दिल्ली। देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों से मतदान…
Anand Bardhan

स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का मुख्य सचिव ने किया उद्घाटन

Posted by - September 22, 2025 0
देहरादून: स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत सविवालय में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग तथा सचिवालय संघ के तत्वाधान में…