Rajendra Prasad Jayanti

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास ने मनायी प्रथम राष्ट्रपति की जयंती

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अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के बैनर तले प्रेस क्लब में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती (Rajendra Prasad Jayanti) मनाई गई। वक्ताओं ने इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केव्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। प्रथम राष्ट्रपति के  गांव जीरादेई से आए मुख्य अतिथि अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद श्रेष्ठ अधिवक्ता, भाषाविद, लेखक और प्रखर वक्ता थे। संविधान निर्माण में उनके अवदान को यह देश कभी भूल नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पद और कद दोनों ही लिहाज से बहुत बड़े थे। वे बेहद सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी थे। हिंदी और भोजपुरी ही नहीं, समस्त भारतीय भाषाओं के प्रति उनका अनुराग देखते ही बनता था। भोजपुरी भाषी समाज में वे भोजपुरी में ही बोलते -बतियाते थे। दिखावा उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं था।

कार्यक्रम के अध्यक्ष और अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यासके संरक्षक दयानंद पांडेयने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरलता और सहजता की प्रतिमूर्ति थे।वे ऐसे राजनीतिज्ञ थे जिसकी कथनी और करनी में भिन्नता नहीं थी। वे लोकजीवन में जैसा दिखते थे, वैसा ही व्यक्तिगत जीवन में भी। मानव मूल्यों और भारतीय परंपराओं का उन्होंने पूरी निष्ठाके साथ निर्वाह किया। अगर लौहपुरुषसरदार वल्लभ भाई पटेल को राष्ट्रपति के रूप में राजेंद्र बाबूका संबल न मिला होता तो शायद वे अखंड भारतकी अपनी परिकल्पना कोमूर्त रूप न दे पाते। डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसा चिंतक, विचारक और राष्ट्रपति न भूतो न भविष्यति।

इस अवसर पर साहित्यकार  बालेंदु द्विवेदी को  रामधारी पांडेय लोक साहित्य सेवा सम्मान, अलका प्रमोद  को  प्रभावती देवी पांडेय लोक भाषा सौहार्द सम्मानसेअलंकृतकिया गया।

बुद्धदव ेशुक्ल को  श्रीकांत पांडेय स्मृति शिक्षा सम्मान दिया गया।  छठ महोत्सव पर किसी वजह से सम्मानित न हो सके  नीरज कुमार पांडेय, राहुल राज रस्तोगी, मानस द्विवेदी, नित्यानंद पांडेय, शाश्वत पाठक, दिव्यांशु दुबे और पुनीत निगम को भोजपुरी  संघतिया सम्मान से नवाजा गया। छठ महोत्सव में न आ सके साहित्य और संगीत की हस्तियों  केवल कुमार, प्रो. कमला श्रीवास्तव, विमल पंत, रेनु दुबे, रीता श्रीवास्तव आदि को भी प्रेस क्लब में सम्मानित किया गया।  संस्था के अध्यक्षपरमानंद पांडेय ने आभार व्यक्त किया।  दुर्गा प्रसाद दुबे, दिग्विजय मिश्र, राधेश्याम पांडेय, जेपी सिंह,  विनीत तिवारी, दिव्यांशु दुबे ,शाश्वत पाठक, दशरथ महतो , नर्वदा श्रीवास्तव, अंजलि सिंह आदि पदाधिकारी और सदस्यगण उपस्थित रहे।

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