इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- गाय को बनाना चाहिए राष्ट्रीय पशु!

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा गाय को अब राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा- सरकार को एक बिल लाना चाहिए, गाय को भी मूल अधिकार मिले, गौरक्षा को बढ़ावा दिया जाए।कोर्ट के इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर तमाम प्रतिक्रियाएं नजर आई, एक यूजर ने कहा- गाय तो माता है, फिर पशु बनाने की जरूरत क्यों है। सुधीर गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा- जज साहब को इंसानों के मौलिक अधिकार से अधिक गाय के मौलिक अधिकार की चिंता है, वास्तव में देश बदल रहा है।

वहीं एक अन्य यूजर ने कहा- गाय के लिए मौलिक अधिकार बनाएं, लेकिन उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी तय करें, कचड़ा खाकर उन्हें न जीना पड़े। कोर्ट ने कहा पूरे विश्व में भारत ही एक मात्र देश है जहां सभी संप्रदायों के लोग रहते हैं। पूजा पद्धति भले ही अलग हो, सोच सभी की एक है। एक दूसरे के धर्म का आदर करते हैं। कोर्ट ने कहा गाय को मारने वाले को छोड़ा तो फिर अपराध करेगा। कोर्ट ने संभल के जावेद की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने दिया है। जमानत अर्जी पर शासकीय अधिवक्ता एसके पाल और एजीए मिथिलेश कुमार ने प्रतिवाद किया। याची पर साथियों के साथ खिलेंद्र सिंह की गाय चुराकर जंगल में  अन्य गायों सहित मारकर मांस इकट्ठा करते टार्च की रोशनी में देखें जाने का आरोप है। 8 मार्च 21 से जेल में बंद हैं। शिकायतकर्ता ने गाय के कटे सिर से पहचान की। आरोपी मोटरसाइकिल छोड़ कर भाग गए।

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कोर्ट ने कहा 29 में से 24 राज्यों में गोवध प्रतिबंधित है। एक गाय जीवन काल में 410 से 440 लोगों का भोजन जुटाती है। और गोमांस से केवल 80 लोगों का पेट भरता है। महाराजा रणजीत सिंह ने गो हत्या पर मृत्यु दण्ड देने का आदेश दिया था। कई मुस्लिम व हिंदू राजाओं ने गोवध पर रोक लगाई। इसका मल मूत्र असाध्य रोगों में लाभकारी है। गाय की महिमा का वेदों पुराणों में बखान किया गया है। रसखान ने कहा जन्म मिले तो नंद के गायों के बीच मिले। गाय की चर्बी को लेकर मंगल पाण्डेय ने क्रांति की। संविधान में भी गो संरक्षण पर बल दिया गया है।

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

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