दांतों में दर्द हो तो न करें अनेदखी, हो सकते हैं गंभीर बीमारी के शिकार

924 0

डेस्क। देश में दांतों की सफाई के मामले में लापरवाही बरतने वालों की संख्या लगभग 4 से 5 प्रतिशत तक पाई गई है। पिछले छह वर्षो में भारत में होंठ और मुंह के कैंसर के मामले दोगुने से अधिक हो गए हैं। हालत को रोकने के लिए खराब दांतों की स्वच्छता, टूटे हुए, तीखे या अनियमित दांतों की ओर ध्यान देना अनिवार्य है ।

ये भी पढ़ें :-अगर आप भी पाना चाहते हैं अच्छी नींद, तो अपनाएं ये आसान Tips 

आपको बता दें दिल्ली कैंसर रजिस्ट्री के मुताबिक, राजधानी में 40.2 पर्सेंट कैंसर पुरुषों में और 11.8 पर्सेंट महिलाओं में तंबाकू की वजह से ही होता है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा लंग कैंसर 23.3, जीभ में 16.9 और मुंह में 14.6 पर्सेंट पाया गया है, जबकि महिलाओं में 26.0 पर्सेंट लंग और 17.8 पर्सेंट मुंह का कैंसर।

ये भी पढ़ें :-गर्मी के मौसम में हरी मिर्च है वरदान, जानें कैसे 

जानकारी के मुताबिक भारत में, धूम्र-रहित तंबाकू (एसएलटी) का उपयोग तंबाकू से होने वाली बीमारियों का प्रमुख कारण बना हुआ है, जिसमें ओरल कैविटी (मुंह), ईसोफेगस (भोजन नली) और अग्न्याशय का कैंसर शामिल है. एसएलटी न केवल स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि भारी आर्थिक बोझ का कारण भी बनता है

Related Post

टीएमसी का अनिश्चितकालीन धरना

10 जनवरी से टीएमसी का अनिश्चितकालीन धरना, CAA वापसी तक रहेगा जारी

Posted by - January 9, 2020 0
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार नागरिकता संशोधन एक्ट CAA-NRC के खिलाफ हमलावर हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता…