हिंदी दिवस विशेष: अंग्रेजी भाषा का इतना प्रभाव की हिंदी बोलना हो रहा मुश्किल

971 0

लखनऊ डेस्क। पूरे भारत के सभी हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी दिवस मनाया जाता है। आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था। इस अवसर का जश्न मनाने के पीछे सरकार का प्राथमिक उद्देश्य हिंदी भाषा की संस्कृति को बढ़ावा देना और फैलाना है।

ये भी पढ़ें :-पितृ पक्ष के दौरान न करें ये काम, नही छिन जाएंगी खुशियां 

आपको बत दें हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस सप्ताह को हिंदी पखवाड़ा कहा जाता है। पूरे विश्व में सबसे जादा बोली जाने वाली भाषाओं मे से हिंदी चौथी है। आज़ादी मिलने के बाद, देश मे अंग्रेजी के बढ़ते उपयोग और हिंदी के बहिष्कार को देखते हुए हिंदी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

ये भी पढ़ें :-गणेश चतुर्थी पर इन अनूठे मंदिरों का करें दर्शन और जानें इतिहास 

जानकारी के मुताबिक आज हिंदी भाषा को खुद हिन्दुस्तानी इतनी तवज्जो नहीं देते जितनी एक भाषा को मिलनी चाहिए। अंग्रेजी के अत्यधिक चलन से हमारी हिंदी भाषा दिन प्रतिदिन विलुप्त होती जा रही है। आज के दौर में अगर कोई भी व्यक्ति हिंदी भाषा का इस्तेमाल करता है, तो लोग उस व्यक्ति को  अनपढ़ समझने लगते हैं। इसलिए हम सभी अक्सर हिंदी भाषा बोलने से हिचकिचाते हैं। अंग्रेजी भाषा का प्रभाव हम पर इतना ज्यादा हो गया है कि हमे लगता है कि बिना अंग्रेजी भाषा के हम इस दौर में कही पीछे रह जाएंगे।

Related Post

ज़ील 2020

IILM एकेडमी ऑफ हायर लर्निंग : ‘ज़ील 2020’ में सेमी फाइनल व फाइनल मुकाबले खेले गये

Posted by - February 13, 2020 0
लखनऊ। गोमती नगर स्थित IILM एकेडमी  ऑफ हायर लर्निंग, केे चार दिवसीय 13वें वार्षिकोेत्सव  ‘ज़ील 2020’ के दूसरे दिन विभिन्न…
लोकसभा चुनाव 2019

उत्तर प्रदेश के बागपत में सुबह 09:00 बजे तक 11 फीसदी जबकि गाजियाबाद में 12 फीसदी हुए मतदान

Posted by - April 11, 2019 0
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 का पहला चरण शुरू हो चुका है। मतदान केंद्रों में पर सुबह से ही मतदाता…