Digital Library
ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में प्रदेश के 32 जिलों की ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी (Digital Library) विकसित की गई हैं, जहां छात्र-छात्राओं को ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और डिजिटल क्विज सहित लगभग 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे गांवों के युवाओं को बेहतर तैयारी के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
चार लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही हाईटेक लाइब्रेरी
पहले चरण में 11 हजार 350 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें करीब दो लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और लगभग 70 हजार रुपये के अत्याधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं। इन लाइब्रेरियों को इस तरह विकसित किया गया है कि छात्र पारंपरिक पुस्तकों के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई कर सकें।
ई-बुक्स, वीडियो और क्विज से होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से भी अधिक डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं। योगी सरकार का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाना है, ताकि वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
योजना के तहत अब तक 10,406 ग्राम पंचायतों की लाइब्रेरियों में पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं 9,372 ग्राम पंचायतों में छात्रों के लिए अत्याधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही लाइब्रेरियों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है।पंचायतीराज निदेशक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनका संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की देखरेख में होगा, जबकि संबंधित सहायक अधिकारी नियमित रूप से इनकी निगरानी करेंगे। उनका कहना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
इन 32 जिलों में पुस्तकों एवं फर्नीचर की 100 प्रतिशत की जा चुकी आपूर्ति
अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, आगरा, कानपुर देहात, गौतम बुद्ध नगर, बांदा, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, देवरिया, हरदोई, शामली, एटा, सहारनपुर, फिरोजाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी, ललितपुर, अमरोहा, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, लखीमपुर खीरी, जौनपुर, संभल, उन्नाव।
