चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) ने औद्योगिक समूहों और निवेशकों से राज्य के तेजी से विकसित हो रहे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विस्तार कर रहे लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्क और अन्य क्षेत्रों में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
टाइकॉन चंडीगढ़ समिट 2026 में 12 देशों और 27 राज्यों से आए उद्यमियों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक अत्यंत अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया है, जहां निवेशकों का विश्वास बढ़ता है और उद्यमियों को भरपूर अवसर मिलते हैं। हरियाणा ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग उद्योग देश और प्रदेश में तेजी से विस्तार कर रहा है, लगभग 28,000 इकाइयां पहले ही स्थापित हो चुकी हैं।
लॉजिस्टिक्स के संदर्भ में उन्होंने बताया कि हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर है और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है, जहां लगभग 57 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र एनसीआर में आता है, जिसे एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो राज्य पहले मुख्य रूप से कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप्स और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है।
उन्होंने (CM Nayab Saini) कहा कि हरियाणा स्टार्टअप पॉलिसी के तहत सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन, बुनियादी ढांचा और बाजार तक पहुंच प्रदान कर रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में सातवां सबसे बड़ा राज्य है, जहां 9,500 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले हैं। राज्य का लक्ष्य अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी को 60 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) ने कहा कि राज्य के 14 जिले और लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र एनसीआर में आते हैं, जबकि लगभग 66 प्रतिशत क्षेत्र दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में आता है। राज्य में हवाई, रेल और सडक़ मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क सुविधा उपलब्ध है और यह भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023-24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं।
उन्होंने (CM Nayab Saini) प्रमुख नीतिगत पहलों का भी उल्लेख किया, जिनमें इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना शामिल है। औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण छूट दी जा रही है, जिसमें डी श्रेणी के ब्लॉकों में 100 प्रतिशत, सी श्रेणी में 75 प्रतिशत और ए व बी श्रेणी में 50 प्रतिशत की छूट शामिल है।
निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर द्वारा सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, 48 विभागों में 1,100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके।

