Footwear-Leather Industry

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में चमकेगा फुटवियर-लेदर उद्योग

73 0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश फुटवियर(Footwear) , लेदर (Leather) और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति 2025 का सबसे बड़ा फोकस प्रदेश के अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों—मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड पर है। योगी सरकार (Yogi Government) ने इन इलाकों में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि लागत अनुदान और पूंजीगत सब्सिडी में विशेष रियायतें दी हैं। इसका सीधा असर यहां के औद्योगिक विकास, रोजगार और निवेश पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि औद्योगिक विकास केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित न रहे, बल्कि पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड भी देश-विदेश में औद्योगिक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएं। नई नीति इसी विज़न को आगे बढ़ाने का ठोस कदम है।

भूमि लागत अनुदान में पूर्वी यूपी को बड़ी रियायत

नीति के तहत, स्टैंड अलोन फुटवियर, लेदर उत्पाद (Footwear-Leather Industry) और मशीनरी इकाइयों को मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 35% तक भूमि लागत अनुदान मिलेगा, जबकि पश्चिमांचल क्षेत्र में यह 25 प्रतिशत होगा। वहीं, मेगा एंकर यूनिट और क्लस्टर को इन क्षेत्रों में 80% तक भूमि लागत अनुदान का लाभ मिलेगा, पश्चिमांचल के लिए यह 75% होगा । यह लाभ विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन इलाकों में उद्योगों की स्थापना की लागत अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती है। भूमि सब्सिडी का फायदा सिर्फ उसी जमीन पर मिलेगा जो औद्योगिक प्राधिकरण, राज्य सरकार के संस्थान या इस नीति के तहत बने क्लस्टर से ली गई हो। सब्सिडी की रकम जमीन के वास्तविक आवंटन मूल्य पर तय होगी, लेकिन इसमें स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं जोड़ी जाएगी। अगर कोई इकाई भूमि सब्सिडी लेती है, तो आगे मिलने वाली पूंजीगत सब्सिडी की गणना करते समय जमीन की कीमत नहीं गिनी जाएगी।

पूंजीगत सब्सिडी बनेगी उद्योगपतियों के लिए सुनहरा अवसर

लेदर और फुटवियर (Footwear-Leather Industry) बनाने वाली कंपनियों को ज्यादा फायदा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार की मदद के अलावा अतिरिक्त पूंजी निवेश सब्सिडी भी देगी। इसके तहत, स्टैंड अलोन इकाइयों को मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 30% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम 45 करोड़ (5 वर्षों में) मिलेगी। पश्चिमांचल के लिए यह 20% और अधिकतम 30 करोड़ रुपए (5 वर्षों) तक का लाभ मिलेगा।

इसी तरह, एलाइड लेदर यूनिट को पूरे प्रदेश में 25% पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी, लेकिन इन क्षेत्रों में इसे और ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। मेगा एंकर यूनिट और क्लस्टर को यहां 35% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम 700 करोड़ रुपए (5 वर्षों में) तक मिलेगी। एक इकाई को सालाना 140 करोड़ रुपए से अधिक लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, पश्चिमांचल के लिए यह लाभ 120 करोड़ रुपए सालाना होगा।

रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा पूर्वी यूपी

योगी सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों को नए निवेश और उद्योगों का गढ़ बनाना है। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, चित्रकूट, आजमगढ़ और बांदा जैसे जिलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस नीति से जहां एक ओर स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की वैश्विक पहचान फुटवियर और लेदर उत्पादों के प्रमुख निर्यातक के रूप में बनेगी।

Related Post

महाराष्ट्र में लागू नहीं होगा NRC , इसमें नागरिकता साबित करना मुश्किल

Posted by - February 2, 2020 0
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि वह राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लागू नहीं…
anandi patel

UP Budget पर बोलीं आनंदीबेन पटेल, समावेशी विकास और स्वावलम्बन पर दिया जोर

Posted by - February 22, 2021 0
लखनऊ। योगी सरकार ने सोमवार को अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बजट को समावेशी…
CM Yogi

मंदिर जाने वाला और न जाने वाला भी हिन्दू है : योगी आदित्यनाथ

Posted by - July 18, 2025 0
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में…
Swachhata Abhiyan

माघ पूर्णिमा स्नान के बाद रात भर चला स्वच्छता अभियान, स्वच्छ और सुंदर हुए संगम घाट

Posted by - February 13, 2025 0
महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ 2025 (Maha Kumbh) के तहत माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व के बाद संगम घाटों की सफाई को…