FDR technology

देश में मॉडल बनी यूपी की सड़क बनाने की एफडीआर तकनीक

61 0

लखनऊ। प्रदेश में सड़क (Road) के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत कर रही योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) इसकी क्वालिटी को सुधारने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसी के तहत देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एफ़डीआर (फ़ुल डेप्थ रेक्लेमेशन) तकनीक (FDR Technology) से रोड का निर्माण किया जा रहा है। इस तकनीक से प्रभावित होकर देश के विभिन्न राज्यों से इसका प्रशिक्षण लेने के लिए इंजीनियर, कंसल्टेंट, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी प्रदेश में आ रही है।

पर्यावरण के लिहाज से भी अनुकूल है एफडीआर (FDR Technology)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के प्रयास से पूरे देश में उत्तर प्रदेश मॉडल के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पुरानी सड़क के निर्माण में एफडीआर तकनीक (FDR Technology) का प्रयोग किया जा रहा है, जो पूरे देश में मॉडल बन गई है।

इस तकनीक से जहां एक ओर कम खर्च में सड़क बन रही है वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी तकनीक काफी कारगर है। दरअसल, इसके निर्माण में तारकोल का प्रयोग नहीं होता है। साथ ही पुरानी सड़क की गिट्टी समेत अन्य चीजों का इस्तेमाल दोबारा सड़क बनाने में किया जाता है। ऐसे में ट्रांसपोर्टेशन पर खर्च नहीं होता है। इस तकनीक से बनी सड़क की लाइफ भी काफी ज्यादा होती है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले 100 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया था। इसके सफल परिणाम आने के बाद 1200 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भानू चंद्र गोस्वामी ने बताया कि एफडीआर तकनीक से सड़क निर्माण में खर्च भी कम आता है। सामान्य तरीके से साढ़े पांच मीटर चौड़ी और एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाने में एक करोड़ 30 लाख का खर्च आता है जबकि इस तकनीक से सड़क बनाने में करीब 98 लाख रुपये का खर्च आता है।

एफडीआर तकनीक (FDR Technology) से इस वर्ष 5500 किमी. बनेगी रोड

भानू चंद्र गोस्वामी ने बताया कि इस तकनीक से प्रभावित होकर देश के विभिन्न राज्यों के इंजीनियर, कंसल्टेंट और तकनीकी विशेषज्ञ इसका प्रशिक्षण लेने प्रदेश में आ रही है। त्रिपुरा, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड व असम आदि राज्यों से टीम प्रशिक्षण के लिए आ चुकी है। इसके साथ ही यहां की टीम ने राजस्थान और बिहार में एफडीआर तकनीक (FDR Technology) से रोड बनाने का प्रशिक्षण दिया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई की करीब 57 हजार किमी. सड़क है। इस वर्ष 5500 किमी. सड़क को उच्चीकृत करने के लिए एडाप्ट किया गया है। इसे एफडीआर तकनीक से प्रदेश के 63 जिलों में सड़क बनाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी ने भी इस तकनीक से अपनी रोड बनाने का फैसला लिया है।

यह है एफडीआर तकनीक (FDR Technology) 

इसके तहत पुरानी रोड का उच्चीकरण किया जाता है। इसमें पुरानी रोड की गिट्टी समेत अन्य चीजों का ही इस्तेमाल किया जाता है। सड़क को जापान और नीदरलैंड की मशीन से सीमेंट और एडिटिव को मिक्स करके बनाया जाता है। इसके बाद एक लेयर केमिकल की बिछायी जाती है। विदेशों में इसी तकनीक से रोड को बनाया जाता है। इस तकनीक से बनी सड़क की लाइफ दस साल होती है जबकि सामान्य तरीके से बनी सड़क की लाइफ पांच साल होती है।

Related Post

CM Yogi

कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती बरती जाये: सीएम योगी

Posted by - June 10, 2022 0
गोरखपुर: सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था (Law…
Priyanka Gandi in prayagraj

निषाद समुदाय के समर्थन में प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर किया मदद करने का ऐलान

Posted by - February 23, 2021 0
लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने निषाद समुदाय को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट…
दूसरे दिन 100 से अधिक शोध पत्रों का किया प्रस्तुतीकरण

दूसरे दिन 100 से अधिक शोध पत्रों का किया प्रस्तुतीकरण

Posted by - March 18, 2021 0
प्रो. अनिल शुक्ला पूर्व कुलपति, एमजेपी रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली ने कहा कि शारीरिक शिक्षा और खेल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति…