प्रदूषण पर अंकुश

ट्रैफिक सिग्नल में ‘एक्सट्रा ब्लू लाइट’ प्रदूषण पर लगाएगी अंकुश, दो बहनों का दावा

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नई दिल्ली। देश में वायु प्रदूषण सरकार के साथ-साथ यह लोगों के बीच भी चिंता का विषय बन चुका है। सरकार प्रदूषण की मार से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर सम-विषम की योजनाएं ला रही है। तो आम जनता भी प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अपनी तरफ से उपाय कर रही है।

वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के साथ ईंधन के संरक्षण का एक अनूठा समाधान लेकर आई

इसी कड़ी में मुंबई के घाटकोपर की रहने वाली दो बहनों ने वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के साथ ईंधन के संरक्षण का एक अनूठा समाधान लेकर आई हैं। उन्होंने नीले ट्रैफिक लाइट का सुझाव दिया जिसमें बाकी सिग्नल लाइटों के साथ एक नीली बत्ती होगी। इस बत्ती का काम चालकों को यह संदेश देना होगा कि उन्हें सिग्नल पर कब अपने इंजन को बंद करना है? नीली बत्ती के जलने का मतलब होगा कि अब चालकों को अपने वाहनों का इंजन बंद करना है।

यह सुझाव मुबंई की रहने वाली शिवानी खोट और उनकी ईशा खोट ने दिया है, जिनके अनुसार इस तरीके से प्रदूषण को रोका जा सकता है। इसके साथ ही ईंधन का संरक्षण किया जा सकता है। इनेके अनुसार एक नीली ट्रैफिक लाइट, जो लाल बत्ती के जलने के 10 सेकंड बाद झपकना शुरू होगी और लाल बत्ती के जलना बंद होने से 10 सेकंड पहले झपकना बंद कर देगी। इस अवधि के दौरान ड्राइवरों को अपना इंजन बंद करना होगा।

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शिवानी खोट ने कहा कि वायु प्रदूषण मानव जीवन के लिए बहुत खतरनाक

शिवानी खोट ने कहा कि वायु प्रदूषण मानव जीवन के लिए बहुत खतरनाक है। हमने वायु प्रदूषण के कारण कई मौतें देखी हैं। हाल ही में प्रदूषण के कारण देश की राजधानी में स्थिति सबसे खराब है। नीली रोशनी की यह अवधारणा प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि इसको प्रति सिग्नल लगाने पर लगभग आठ हजार रुपये का खर्च आएगा। ईशा खोट ने कहा कि हमने खुद ही लोगों को सलाह दी कि उन्हें सिग्नल के लाल होने पर अपने वाहनों को बंद कर देना चाहिए और लोगों ने अभी तक इस सुझाव को सकारात्मक रूप से अपनाया है।

नीले रंग की लाइट आपको सिग्नल पर इंजन बंद करने का संकेत देगी

उन्होंने आगे कहा कि हमने एक नई लाइट पेश की है जो नीले रंग की है। यह लाइट आपको सिग्नल पर इंजन बंद करने का संकेत देगी। उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी सिग्नल पर तीन लाइट हैं-लाल, हरा और पीला और हम इसके आदी हो गए हैं। इसलिए धीरे-धीरे हम इस नीली रोशनी के लिए भी खुद को उसी तरह से ढ़ाल पाएंगे।

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