Excise Department

आबकारी विभाग तैयार कर रहा नई आबकारी नीति, प्रदेश में डिस्टिलरी प्लांट को मिलेगा बढ़ावा

119 0

लखनऊ: प्रदेश में औद्योगिक निवेश को गति देने और राजस्व संसाधनों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। ऐसे में आबकारी विभाग (Excise Department) द्वारा नई आबकारी नीति 2026-27 पर मंथन किया जा रहा है। नई नीति के तहत प्रदेश में डिस्टिलरी प्लांट की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सहूलियतों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

नई आबकारी नीति (New Excise Policy) से निवेशकों में बढ़ेगा भरोसा-

प्रदेश सरकार का मानना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना आवश्यक है। इसी के तहत आबकारी विभाग को राजस्व वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में विभाग ने डिस्टिलरी प्लांट्स को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, जिससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके लिए प्रदेश में नई डिस्टिलरी इकाइयों की स्थापना को सरल और आकर्षक बनाया जाएगा।

लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध करने, शुल्क संरचना को युक्तिसंगत बनाने और आवश्यक अनुमतियों में सहूलियत देने पर विचार किया जा रहा है। इससे प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश डिस्टिलरी उद्योग के क्षेत्र में एक बड़े हब के रूप में उभरेगा। बता दें कि निवेश मित्र, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योग अनुकूल नीतियों के जरिए प्रदेश ने रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। नई आबकारी नीति उसी श्रृंखला का हिस्सा है। 

निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही-

विभाग की ओर से नई आबकारी नीति ( NewExcise Policy) में निर्यात पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रदेश में उत्पादित स्परिट, अल्कोहल और इससे जुड़े उत्पादों के निर्यात को आसान बनाने के लिए नियमों में ढील देने, लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने और अतिरिक्त प्रोत्साहन देने पर विचार चल रहा है। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे और विदेशी मुद्रा अर्जन में भी वृद्धि होगी। डिस्टिलरी प्लांट्स के विस्तार से आबकारी विभाग (Excise Department) को राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके साथ ही कृषि आधारित कच्चे माल की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों को भी लाभ मिलेगा। गन्ना, अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की खपत बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डिस्टिलरी उद्योग के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होने की संभावना है।

Related Post

CM Yogi

सभी मत, मजहब, सम्प्रदाय के लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करना होगा: सीएम योगी

Posted by - October 7, 2024 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा है कि किसी भी जाति, मत-मजहब अथवा संप्रदाय से जुड़े हुए ईष्ट…

वायु सेना के हैरतअंगेज पराक्रम का गवाह बना पूर्वांचल एक्सप्रेस वे

Posted by - November 16, 2021 0
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को देश के विभिन्न इलाकों से जोड़ने वाला नवनिर्मित पूर्वांचल एक्सप्रेस (Purvanchal Expressway) वे मंगलवार…
AK Sharma

रिश्वत मांगने पर ऊर्जा मंत्री का सख्त रुख, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

Posted by - January 22, 2026 0
लखनऊ: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए. के. शर्मा (AK Sharma) ने आज लखनऊ स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित…
CM Dhami

सीएम धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से की भेंट, इन मुद्दों पर की चर्चा

Posted by - August 21, 2023 0
देहारादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से भेंट की। इस…