Diwali 2019: दीपों के त्यौहार दिवाली का जानें इतिहास

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लखनऊ डेस्क। दीपो का त्यौहार दिवाली दस्तक देने वाला है इस दिन लक्ष्मी, गणेश और धन के राजा कुबेर की पूजा होती हैं। दया की देवी लक्ष्मी त्रेता युग में सीता का अवतार लेकर श्री राम की संगिनी बनी और दवापर युग मे राधा और रुकमणि का रुप धारण कर श्री कृष्ण की धर्मपत्नी बनी।

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आपको बता दें महा लक्ष्मी अपने भक्तो को कभी निराश नही करती, और उनकी मुरादे पूरी कर उन्हे धन और समृद्धि से भरपूर करती हैं। वेदों मे लक्ष्मी को “लक्ष्यविधि लक्षमिहि” के नाम से संबोधित किया गया हैं, जिसका अर्थ होता हैं, जो लक्ष्य प्राप्ति मे मदद करें।

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जानकारी के मुताबिक दीपावली रोशनी का त्योहार है। पूरे भारत मे इसे बडे धूम-धाम से मनाया जाता है। इस भगवान श्री राम, रावण को युद्ध मे पराजित कर सीता और लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे। चौदह साल का वनवास भोगने के बाद जब श्री राम अयोध्या वापस आए थे तो, अयोध्या के लोगो ने अपने राजा के स्वागत के लिए घी के दिए जलाए थे। पटाखे जला कर, नाच-गा कर लोगो ने अपनी खुथियां व्यक्त करी थी।

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