magh mela

माघ पूर्णिमाः संगम पर उमड़ा आस्था का मेला,श्रद्धालु लगा रहे पुण्य की डुबकी

731 0

प्रयागराज। आज माघी पूर्णिमा (Magh Pornima) का पावन पर्व है। आस्था के इस पावन पर्व पर संगम में सुबह से ही श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। महत्वपूर्ण स्नान पर्व के मद्देनजर संगम सहित विभिन्न स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों को स्नान करके उन्हें अपने गंतव्य तक जाने में असुविधा न हो। प्रशासन की तरफ से सभी स्नान घाटों पर पुख्ता व्यवस्था की गई है।

CM योगी ने संत रविदास की जयंती पर दी पुष्पांजलि

माघ पूर्णिमा (Magh Pornima) के दिन संगम पर उमड़ा आस्था का मेला

त्रिवेणी संगम पर माघ मास  (Magh Pornima) के दौरान होने वाले कल्पवास माघी पूर्णिमा (Magh Pornima)  पर पूर्ण होता है। इसके अलावा त्रिवेणी संगम पर होने वाले स्नान का आज पांचवा महत्वपूर्ण स्नान पर्व है। आज के दिन कल्पवास करने वाले और वर्ष भर पूर्णिमा का व्रत रखने वाले पुण्य और मोक्ष की कामना से पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं।पवित्र स्नान के दिन संगम पर सुबह से ही आस्था का सैलाब दिखने लगा। सभी प्रमुख मार्गों पर संगम आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात से ही दिखने लगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दूरदराज से आने वाले स्नानार्थियों ने भोर चार बजे से ही संगम में डुबकी लगानी शुरू कर दी थी। घाट पर स्नान के दौरान कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए डीप वाटर बैरीकेटिंग की गई है। पानी में बनी ड्रम लाइन और नावों पर जल पुलिस, पीएसी और फ्लड कंपनी के अलावा गोताखोर को भी तैनात किया गया है। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए साइनेज लगाए गए थे, जिससे वह अपने स्थान पर आसानी से पहुंच सकें। त्रिवेणी के सभी प्रमुख घाट संगम, रामघाट, वीआईपी घाट, अरैल, दशासुमेर घाट पर भारी संख्या में स्नानार्थी दिखे।

साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था

कोरोना संक्रमण को देखते हुए संगम वॉच टावर से पुलिस और प्रशासन के द्वारा घाटों को जल्दी खाली करने और आपस में पर्याप्त दूरी बनाकर स्नान करने की सलाह और अपील की जा रही थी। घाटों पर साफ-सफाई के लिए स्वछता कर्मियों को लगाया है, जिससे गंदगी की वजह से किसी तरह का संक्रमण न हो। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में आने और जाने के लिए एकल व्यवस्था की गई है।

Related Post

Swatantra Dev

यूपी को आज तक योगी जैसा ईमानदार मुख्यमंत्री नहीं मिला : स्वतंत्रदेव

Posted by - September 12, 2021 0
बुन्देलखण्ड की चित्रकूट भूमि अत्यंत पावन और गौरवशाली है, इसी धरा पर भगवान श्रीराम को आसुरी शक्तियों से लड़ने की…