Maha Kumbh

देश-विदेश से आए श्रद्धालु बोलेः आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का अवसर है महाकुम्भ

124 0

महाकुम्भनगर। महाकुम्भ-2025 (Maha Kumbh) के अंतर्गत पूरी दुनिया से स्नानार्थियों व सैलानियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। श्रद्धालुओं और सैलानियों ने त्रिवेणी संगम में स्नान करने के साथ ही महाकुम्भ मेला क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं का आवलोकन किया। वहीं, कई विदेशी सैलानी महाकुम्भ के अंतर्गत आयोजित हो रहे बर्ड फेस्टिवल का हिस्सा बनकर जीव-जंतुओं व पक्षियों के संरक्षण के लिए हो रहे प्रयासों की भी जानकारी लेते दिखे। उनके अनुसार, महाकुम्भ केवल मनुष्य ही नहीं, पक्षियों व जीव-जंतुओं के कल्याण का भी मार्ग प्रशस्त कर रहा एक महाआयोजन है जिसका हिस्सा बनकर वह खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।

मानवता व धर्म के प्रति विश्वास को दृढ़ करता है महाकुम्भ (Maha Kumbh)

दिल्ली से त्रिवेणी संगम में स्नान करने आईं मोनिका ने बताया कि यह मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत पल है। उन्होंने कहा कि इतने लोगों को एका साथ आस्था की डोर में बंधकर त्रिवेणी संगम में स्नान करते देखना अविस्मरणीय क्षण था। मैंने मीडिया में तो इन चीजों को देखा था मगर यहां आकर स्वयं महाकुम्भ के इन खूबसूरत क्षणों को जीना एक ऐसा अनुभव है जिसने धर्म और मानवता के प्रति मेरे विश्वास को और दृढ़ कर दिया है। यह एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक यात्रा थी। वहीं दिल्ली से ही आईं शीघ्र बंसल ने कहा कि मैं पहली बार कुम्भ के आयोजन में प्रयागराज आई हूं।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह आउट ऑफ द वर्ल्ड एक्सपीरिएंस था। मैं ज्यादा आध्यात्मिक व्यक्ति नहीं हूं इसके बावजूद यहां की दिव्य आध्यात्मिक व सकारात्मक ऊर्जाओं को अनुभूत कर सकी। यहां पर जिस प्रकार सकुशल जनप्रबंधन हो रहा है इसके लिए स्थानीय प्रशासन बधाई का पात्र है।

सकारात्मक ऊर्जा से भरी हुई है महाकुम्भ (Maha Kumbh) में जुटी अपार भीड़

एक अन्य स्नानार्थी सुमिता वाही ने बताया कि मैं आध्यात्मिक अभिरुचि रखती हूं इसलिए मेरे लिए यह एक बेहद विशिष्ट क्षण है। उन्होंने कहा कि यहां इतनी अपार भीड़ जुटी हुई है मगर सभी सकारात्मक ऊर्जा से भरे हुए हैं। यही कारण है कि महाकुम्भ मेला क्षेत्र में आपको अपार सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है।

मनुष्यों के साथ ही पक्षियों व जीव-जंतुओं के संरक्षण का भी माध्यम बना महाकुम्भ

यूके से आईं एमा ने बताया कि मैं पहली बार कुम्भ मेला में भाग लेने भारत आई हूं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में दिव्यता को अनुभूत करने के साथ यहां आयोजित हुए बर्ड फेस्टिवल को भी देखने का अवसर उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता के साथ ही पर्यावरण और जैविक संरक्षण की दिशा में हो रहे कार्यों की जितनी प्रशंसा हो वह कम है। एक अन्य विदेशी सैलानी ने भी बर्ड फेस्टिवल में भारत के कंसर्वेशन एक्सपर्ट्स से हुए इंटरैक्शन को यादगार बताते हुए प्रयागराज की धरती की जमकर तारीफ की और उन्होंने इस बात को लेकर खुशी जताई कि महाकुम्भ मनुष्यों के साथ ही पक्षियों व जीव-जंतुओं के संरक्षण का भी माध्यम बन रहा है।

Related Post

Maha Kumbh

सांस्कृतिक और सामाजिक के साथ आर्थिक पुनरोत्थान की भी नींव रखेगा महाकुम्भ 2025

Posted by - January 18, 2025 0
महाकुम्भ नगर। तीर्थराज प्रयागराज में हो रहा महाकुम्भ 2025 (Maha Kumbh) न सिर्फ सांस्कृतिक और सामाजिक बल्कि आर्थिक पुनरोत्थान की…
CM Yogi

नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध : योगी आदित्यनाथ

Posted by - August 4, 2024 0
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रविवार को जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।…
CM Yogi

एक राष्ट्र, एक चुनाव से ही देश में आएगी राजनीतिक स्थिरता, विकास को मिलेगी गति- सीएम योगी

Posted by - April 7, 2025 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी पंसद का जनप्रतिनिधि चुनना जनता का अधिकार है,…