धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन में मंगलवार की सुबह एक बेहद विवादित और आपत्तिजनक होर्डिंग (पोस्टर) सामने आने के बाद समूचे उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। इस विवादित पोस्टर में समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुस्लिम टोपी पहने हुए दर्शाया गया है, साथ ही उन पर कुछ तीखे और आपत्तिजनक नारे भी लिखे गए हैं। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाकर रातों-रात शुरू हुई इस ‘पोस्टर वॉर’ (Poster War) के बाद सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
गोवर्धन चौराहे के पास सुबह दिखे पोस्टर
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे उस समय प्रकाश में आई जब मथुरा के व्यस्ततम गोवर्धन चौराहे (Govardhan Crossroads) और उसके आसपास के इलाकों में राहगीरों और मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने इन विवादित बैनरों को देखा। होर्डिंग्स पर सपा के दोनों शीर्ष नेताओं के चित्रों के साथ किए गए छेड़छाड़ और उस पर लिखे आपत्तिजनक स्लोगनों को देखकर चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इन पोस्टरों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद ये तस्वीरें और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स) पर तेजी से वायरल होने लगे, जिससे तनाव और बढ़ गया।
मथुरा, अयोध्या और बाराबंकी में एक साथ ‘पोस्टर वॉर’ शुरू होने की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय खुफिया इनपुट के अनुसार, यह पोस्टर वॉर केवल मथुरा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से राज्य के कई अन्य महत्वपूर्ण जिलों में भी एक साथ शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि मथुरा के अलावा धार्मिक नगरी अयोध्या और राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले में भी लगभग एक जैसे ही विवादित और आपत्तिजनक पोस्टर रातों-रात सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाए गए हैं। इस सुनियोजित घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व ने इसे पार्टी की छवि को धूमिल करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।
सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस शर्मनाक हरकत की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के मथुरा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों आक्रोशित सपा कार्यकर्ता गोवर्धन चौराहे पर एकत्रित हो गए और उन्होंने घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने तत्काल जिला प्रशासन से इन आपत्तिजनक पोस्टरों को हटाने की मांग की। सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र में राजनीतिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने घोषणा की कि सपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज ही मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस पूरे मामले की लिखित शिकायत और सबूत सौंपेगा। सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि अज्ञात शरारती तत्वों और पोस्टर लगवाने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा समाजवादी पार्टी पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगी। फिलवक्त, एहतियात के तौर पर पुलिस ने गोवर्धन चौराहे के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
