CM Dhami

सीएम धामी ने केंद्र से मांगी चार नदियों में 10 साल के लिए खनन की अनुमति

406 0

देहारादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने केंद्र सरकार से प्रदेश की चार नदियों गौला, शारदा, दाबका और कोसी में खनन के लिए अगले दस वर्ष तक के लिए अनुमति मांगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) ने कहा कि कुमाऊं में स्थित इन चार नदियों में केंद्र की ओर से 28 फरवरी 2023 तक वन स्वीकृति प्रदान की गई हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से वन स्वीकृतियों को इस सत्र के अंत तक (31 मई, 2023) बढ़ाए जाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अंतर्गत इन स्वीकृतियों को नवीनीकृत करते हुए अगले दस वर्षों तक के लिए विस्तार दिया जाए।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि पर्वतीय नदियों में मानसून के दौरान जमा उपखनिज (आरबीएम) को बाढ़ नियंत्रण एवं नदी किनारों पर स्थित वन एवं कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए तटबंध बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तमाम कामों को कराने के लिए भी आरबीएम की जरूरत पड़ती है।

आयोग की सभी भर्तियां पूरी होने के बाद कराऊंगा CBI जांच: सीएम धामी

नदी तल के ऊपर उठने से भी कई तरह की दिक्कतें पेश आती हैं, इसलिए इन नदियों से उपखनिजों का चुगान जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम जनता व विशेष रूप से किसानों के नदी तटीय अधिकारों के संरक्षण के लिए भी नदियों से आरबीएम हटाया जाना आवश्यक है।

Related Post

CM Dhami inaugurates Gaja Ghantakarna Mahotsav

मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय पहले गजा घण्टाकर्ण महोत्सव का शुभारंभ

Posted by - May 27, 2025 0
देहारादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने मंगलवार को अटल उत्कृष्ट रा.इ.का. गजा, टिहरी में आयोजित ‘प्रथम‘ गजा घण्टाकर्ण…

पश्चिम बंगाल बीजेपी उपाध्यक्ष बोले- CAA में मुस्लिमों को क्यों नहीं शामिल किया?

Posted by - December 24, 2019 0
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन इसी बीच CAA का विरोध सत्ताधारी…
CM Vishnudev Sai

मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार वचनबद्ध: सीएम साय

Posted by - April 24, 2024 0
रायपुर/अंबिकापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों की सबसे पिछड़ी जनजाति कोरवा, बिरहोर, बैगा, कमार, अबूझमाड़िया जनजाति के लोगों के लिए…