CM Dhami

ब्रिटिश काल की फायर लाइन को पुनर्स्थापित करने की तैयारी, विदेशी मॉडल के अध्ययन का निर्णय

352 0

देहरादून। उत्तराखंड सरकार अब ब्रिटिश काल की फायर लाइन को पुनर्स्थापित करने की तैयारी में है। राज्य सरकार का मानना है कि फायर लाइन से जंगलों को वनाग्नि से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। साथ ही जनसहभागिता के साथ ग्रामीणों को वन-जंगल के प्रति जुड़ाव महसूस कराया जाएगा। कुल मिलाकर अब वनाग्नि से निपटने के लिए सरकार की तैयारी पुख्ता होगी।

हर साल आग से जंगलों को बचाने में वन विभाग, प्रशासन और सरकार को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता है। इसके बावजूद भी इस पर नियंत्रण पाना आसान नहीं होता है। इसलिए अब राज्य सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए विभिन्न मॉडलों का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। ताकि समय रहते वनों में होने वाली विभीषिका को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) की पहल पर इस बार देश के साथ विदेशों के विकसित मॉडल का वन विभाग अध्ययन करेगा और जरूरत के अनुसार अपने प्लान में उसे समावेश करेगा। हालांकि शासन-प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत वनाग्नि को नियंत्रण में झोंक दी है। मानव संसाधन भी वनाग्नि को रोकने में जुटा हुआ है। वनाग्नि नियंत्रण में सभी संबंधित विभागों यथा आपदा प्रबंधन, फायर सर्विसेज आदि कार्मिकों का सहयोग लिया जा रहा है। एनडीआरएफ, भारतीय वायुसेना की भी मदद ली जा रही है। इसके बावजूद भी वनाग्नि को रोकना मुश्किल साबित हुआ।

मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) की भी वनाग्नि पर सीधी नजर है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम और कार्मिकों के मनोबल को बनाए रखने के लिए उच्चाधिकारियों को भी फील्ड में उतारा है। पीसीसीएफ (हॉफ) और एपीसीसीएफ वनाग्नि व आपदा प्रबंधन के अधिकारी लगातार फील्ड ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। वनाग्नि नियंत्रण के लिए निरंतर समीक्षा व मॉनिटरिंग बैठक की जा रही है। वनाग्नि के संबंध में गलत आंकड़ों का दुष्प्रचार करने वालों पर भी सरकार की नजर है। ऐसे लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वनाग्नि नियंत्रण में रिस्पांस टाइम कम करने की कोशिश-

रिस्पांस टाइम कम करने के लिए एफएसआई से प्राप्त फायर अलर्ट को तत्काल सम्बन्धित व्हाट्सएप ग्रुप्स में डालकर क्रू टीम को उसी समय घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। एफएसआई से मिले फायर एलर्ट की विशेष मॉनिटरिंग कर वनाग्नि को कम से कम समय में नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

प्रोत्साहन, पुरस्कार व बजट आंवटन से वनाग्नि नियंत्रण के प्रयासों को मिली गति-

राज्य में सक्रिय वन पंचायतों, वनाग्नि प्रबंधन समितियों, महिला मंगल दलों, युवा मंगल दलों को जागरूक करके तथा उत्तरदायी बनाकर गांवों के नजदीक जंगली इलाकों में वनाग्नि नियंत्रण में सफलता मिली है। वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामुदायिक संस्थाओं व फील्ड अधिकारियों को प्रोत्साहन, पुरस्कार व तत्काल बजट आंवटन से वनाग्नि नियंत्रण के प्रयासों को एक नई गति मिली है।

वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रस्तावित बजट, अब तक 1510 लाख रुपये स्वीकृत-

वनाग्नि सुरक्षा मद में राज्य सेक्टर व केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए 5655.82 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है। राज्य सेक्टर की योजना के तहत प्रस्तावित 2165.82 लाख में से शासन से 1310 लाख रुपये का बजट आवंटित किया जा चुका है। वहीं केंद्र पुरोनिधानित योजना के तहत फारेस्ट फायर प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट स्कीम के लिए प्रस्तावित 2490 लाख के लिए एपीओ एमओईएफ एंड सीसी को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया गया है। आरक्षित कैंपा योजना के तहत प्रस्तावित 1000 लाख रुपये में से वनाग्नि प्रबंधन गतिविधियों के लिए 200 लाख रुपये का बजट पास किया जा चुका है।

अब तक हुईं 1063 आग की घटनाएं, 417 वन अपराध दर्ज-

वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन उत्तराखंड के अपर मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार एक नवम्बर 2023 से 10 मई 2024 तक कुल 1063 आग की घटनाएं हुई हैं। आगजनी में 1437.948 हेक्टेयर वन प्रभावित हुए हैं। अब तक कुल चार लोग आग से झुलसकर पीड़ित हो चुके हैं और पांच लोगों की मृत्यु हो चुकी है। अब तक राज्य में कुल 417 वन अपराध दर्ज किए गए हैं। इनमें से 356 अज्ञात एवं 61 ज्ञात हैं। 75 नामजद अपराधी हैं। 13 के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और 10 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

सीएम धामी नई दिल्ली से करेंगे वनाग्नि रोकने के प्रयासों की समीक्षा

वनाग्नि प्रबंधन के लिए 1438 फायर क्रू-स्टेशन हैं और 3983 योजित फायर वाचरोें की तैनाती है। वहीं कुमाऊं, गढ़वाल, वन्यजीव में 48 रिपीटर सेट, 450 बेस सेट, 1478 वॉकी-टॉकी हैंडसेट, 284 मोबाइल सेट, वायरलैस सेट 2260 व 1416 जीपीएस लगाए गए हैं। वन विभाग के कुल 2296 फील्ड कार्मिक वनाग्नि नियंत्रण में जुटे हैं।

Related Post

अपर पुलिस अधीक्षकों के साथ आइपीएस तबादला

Posted by - February 28, 2021 0
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूबे की कानून-व्यस्था की समीक्षा करने के बाद रविवार को एक आईपीएस सहित 28 अपर पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है। इसमें वाराणसी के एसपी सुरक्षा भी शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ कमिश्नरेट से दो एडीसीपी का भी तबादला किया गया है। वाराणसी में अपर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा के पद पर तैनात आइपीएस अफसर आदित्य लग्हे को वाराणसी में ही एएसपी क्राइम के पद पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही राजेश कुमार सोनकर को एएसपी क्राइम आगरा से एएसपी देवरिया, डॉ. अरविंद कुमार को एएसपी क्राइम अलीगढ़ से एएसपी कन्नौज, दयाराम को एएसपी अमेठी से एएसपी चंदौली, रामसेवक गौतम एएसपी उत्तरी बाराबंकी से एएसपी ट्रैफिक गोरखपुर, प्रेमचंद एएसपी चंदौली को एएसपी एसआईटी लखनऊ, राजेश कुमार तृतीय एएसपी ग्रामीण फिरोजाबाद को एएसपी सिटी सहारनपुर, अवधेश सिंह एएसपी जालौन को एएसपी उत्तरी बाराबंकी, विनोद कुमार एएसपी कन्नौज को एएसपी सोनभद्र, सुरेश चंद्र रावत एडीसीपी उत्तरी लखनऊ को एएसपी सिद्धार्थनगर, अखिलेश नारायण सिंह एएसपी उत्तरी मेरठ को एएसपी ग्रामीण फिरोजाबाद, ओम प्रकाश सिंह सेकेंड एएसपी सोनभद्र को एएसपी शामली, अरुण कुमार दीक्षित पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय जल्द करेगी विजिलेंस एएसपी नक्सल वाराणसी को एएसपी एडीजी वाराणसी जोन कार्यालय, मायाराम वर्मा एएसपी सद्धार्थनगर को एएसपी क्राइम आगरा, विनीत भटनागर एएसपी क्राइम सहारनपुर को एएसपी सिटी मेरठ, विनोद कुमार पाण्डेय एएसपी उन्नाव को एएसपी अमेठी, श्रवण कुमार सिंह एएसपी ट्रैफिक वाराणसी को एडीसीपी उत्तरी लखनऊ, आशुतोष शुक्ला एएसपी ट्रैफिक गोरखपुर को डिप्टी कमाडेंट पीएसी बरेली, रामयश सिंह एएसपी देवरिया को डिप्टी कमाडेंट पीएसी प्रयागराज, राकेश कुमार सिंह डिप्टी कमाडेंट पीएसी प्रयागराज को एएसपी जालौन, शशि शेखर सिंह एएसपी डायल 112 को एएसपी उन्नाव, दिनेश कुमार पुरी एडीसीपी लखनऊ को एएसपी ट्रैफिक वाराणसी, प्रज्ञा मिश्रा एएसपी सीबीसीआईडी बरेली को एएसपी मध्यांचल बिजली, जेपी सिंह एएसपी डीजीपी मुख्यालय को एएसपी एटीएस लखनऊ, आलोक शर्मा एएसपी एटीएस को एएसपी सर्तकता अधिष्ठान, दिनेश यादव एएसपी एटीएस को एएससी एटीसी सीतापुर तथा अजय सिंह एएसपी क्राइम को एएसपी सिक्योरिटी वाराणसी के पद पर तैनाती मिली है।
पर्यावरण परिवर्तन ख़तरनाक संकेत

पर्यावरण परिवर्तन ख़तरनाक संकेत, आठ करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य : नीतीश

Posted by - January 19, 2020 0
पटना। जल, जीवन व हरियाली के साथ सामाजिक कुरीतियाें के प्रति लोगाेें को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को…