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अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों में तालमेल न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। यह बदहाली सिर्फ शहरों में ही नहीं है, बल्कि गांवों की हालत तो और भी खराब है। गांवों के पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।
वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया। सपा ने मांग की थी कि चूंकि भाजपा सरकार नया अस्पताल तो बना नहीं सकी इसलिए कैंसर अस्पताल को चालू किया जाए। तब भाजपा सरकार ने नहीं सुनी। अब जब पानी सिर से ऊपर बहने लगा है तो हज हाउस सरोजनीनगर, अवध शिल्प ग्राम और कैंसर अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया जा रहा है। इनका निर्माण समाजवादी सरकार में ही हुआ था।
बदले की भावना से भाजपा ने समाजवादी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद किया, जबकि आज वही काम आ रही हैं। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 व 102 एंबुलेंस सेवाएं तभी चालू की गई थीं। इनसे काम चलाने की अब भाजपा की मजबूरी है। कहा कि भाजपाइयों की प्राथमिकता सत्ता पाना और चुनाव जीतना भर रह गया है। भले ही उनकी रैलियों और सभाओं से कोरोना का विस्तार होता रहे। लोगों के जान की उन्हें परवाह नहीं।