गठबंधन के बाद बदले सुरों से चुनावी नारों की तान

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लखनऊ। लोकसभा चुनावों के लिए बीएसपी और एसपी के बीच सीटों का ऐलान हो गया है। दोनों दल 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और दो सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ी गई है लेकिन गठबंधन से बदलते राजनीतिक समीकरण नारों की भाषा भी बदल देते हैं । जो कभी एक दूसरे के खिलाफ नारा लगाया करते थे।

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आपको बतादें अब बीएसपी और एसपी एक साथ हैं। ऐसे में सोचने वाली बात है कि नई दोस्ती के नए नारे कैसे होंगे। इस गठबंधन के बाद नारों का रंग रूप भी बदल जाएगा।वहीँ गठबंधन का ऐलान करते हुए बीएसपी चीफ मायावती ने कांग्रेस पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी में कोई अंतर नहीं है।

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जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश को बीएसपी और एसपी का साथ पसंद है’ का नारा देने वाली एसपी को अब कांग्रेस ‘नापसंद’ है । राजनीतिक विश्लेषक विमल किशोर का कहना है कि ‘मिले मुलायम-कांशीराम, हवा हो गए जयश्रीराम’ 1993 में जब उत्तर प्रदेश में एसपी और बीएसपी ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था तो भारतीय जनता पार्टी को टार्गेट करता हुआ यह नारा काफी चर्चित रहा।’

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AK Sharma

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