चंडीगढ़: पंजाब में डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में एक नई निजी यूनिवर्सिटी की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब विधानसभा ने फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी (Physics Wallah Digital University), पटियाला बिल-2026 को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी का मुख्यालय पटियाला जिले के गांव नंदपुर केशो में होगा।
यूनिवर्सिटी का संचालन नेक्स्टसीड फाउंडेशन की ओर से किया जाएगा। यह सेल्फ फाइनेंस्ड यूनिवर्सिटी होगी और इसे पंजाब सरकार से किसी तरह की ग्रांट या वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।
ऑनलाइन पढ़ाई पर रहेगा फोकस
बिल के मुताबिक यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन शिक्षा के लिए मजबूत अकादमिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। यहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और प्रोफेशनल स्तर के कई कार्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे।
इंजीनियरिंग, मेडिकल, पैरामेडिकल, साइंस, सोशल साइंसेज, लाइफ साइंसेज, ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने का प्रावधान है।
AI कंटेंट की होगी जांच
यूनिवर्सिटी में तैयार होने वाले डिजिटल लर्निंग मटीरियल को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। एआई से तैयार इंस्ट्रक्शनल कंटेंट की पहचान स्पष्ट रूप से की जाएगी और उसे अकादमिक प्रक्रिया के तहत क्रिटिकल रिव्यू तथा औपचारिक मंजूरी के बाद ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अकादमिक काउंसिल की मंजूरी से डिजिटल कंटेंट की नियमित समीक्षा और जरूरत के अनुसार संशोधन भी किया जाएगा।
वर्चुअल क्लास से लेकर प्रॉक्टर्ड एग्जाम तक
यूनिवर्सिटी में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, क्लाउड होस्टिंग, वर्चुअल क्लासरूम और प्रॉक्टर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम विकसित किए जाएंगे। मोबाइल-फर्स्ट और लो-बैंडविड्थ एक्सेस की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
छात्रों को लाइव क्लास, ट्यूटोरियल, मेंटरिंग और अकादमिक एडवाइजर की सुविधा मिलेगी।
MOOC और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा
यूनिवर्सिटी में MOOC, ऑनलाइन कोर्स और माइक्रो-क्रेडेंशियल के जरिए क्रेडिट मोबिलिटी की सुविधा दी जाएगी। संस्थान को ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़े UGC नियमों, नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के प्रावधानों का पालन करना होगा।
शिकायतों के लिए होगा ओम्बड्समैन
छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए ओम्बड्समैन नियुक्त किया जाएगा। एडमिशन, फीस, परीक्षा, मूल्यांकन, सर्टिफिकेट, स्कॉलरशिप, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अकादमिक सपोर्ट से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की जा सकेगी।
राज्यपाल होंगे विजिटर
बिल के अनुसार पंजाब के राज्यपाल यूनिवर्सिटी के विजिटर होंगे। उन्हें संस्थान के प्रशासनिक और अकादमिक मामलों की जांच या निरीक्षण कराने का अधिकार होगा। वहीं फाउंडेशन की ओर से नामित चेयरपर्सन या प्रतिष्ठित व्यक्ति चांसलर होगा।
यूनिवर्सिटी को विभिन्न पाठ्यक्रम शुरू करने, डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट देने, स्टडी एवं एग्जामिनेशन सेंटर खोलने, रिसर्च और कंसल्टेंसी करने तथा विद्यार्थियों से फीस लेने का अधिकार होगा। अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के साथ मिलकर ड्यूल डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी चलाए जा सकेंगे।
