Keshav Maurya

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: पैसों के दुरुपयोग पर होगी सख्ती दण्डात्मक कार्यवाही: केशव प्रसाद

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लखनऊ: आज केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता एवं ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी की गरिमामयी उपस्थिति में वर्चुअल बैठक आहूत की गई।

इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) , प्रमुख सचिव (ग्राम्य विकास) सौरभ बाबू एवं आयुक्त जीएस प्रियदर्शी के साथ सम्मिलित हुए। बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य 11 राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों तथा उच्च अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

₹10,021 करोड़ का बड़ा वित्तीय आवंटन

बैठक के दौरान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों के लिए ₹10,021 करोड़ की ‘मदर सैंक्शन’ (Mother Sanction) निर्गत की गई।
केन्द्रीय मंत्री जी ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुल 3 करोड़ 91 लाख घरों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 3 करोड़ 5 लाख से ज्यादा घर सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) के मुख्य निर्देश व कार्ययोजना:

केन्द्रीय बैठक के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए प्रमुख सचिव और उच्च अधिकारियों को बेहद कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए:
पर्यावरण दिवस पर 12 करोड़ पौधों का महा-अभियान: उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को निर्देशित किया कि आगामी 5 जून ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर पूरे प्रदेश में 12 करोड़ पेड़ (पौधे) लगाने की एक वृहद और सुव्यवस्थित योजना तुरंत तैयार की जाए।
अंतिम पायदान के प्रत्येक व्यक्ति को मिले आवास: उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर नियमानुसार भूमि आवंटन (पट्टा की भूमि) की प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र गरीबों को तत्काल ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।
मूलभूत सुविधाओं का ‘सैचुरेशन’ (संतृप्ति): श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने सख्त निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के उत्तर प्रदेश के लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि आवास पाने वाले हर लाभार्थी को पानी, बिजली, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और शौचालय जैसी सभी मूलभूत सरकारी योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से मिले।
ब्लॉक स्तर पर सौर ऊर्जा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग: ग्रामीण क्षेत्रों में सस्टेनेबल मॉडल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर के अपने विभागीय कार्यालयों को सौर ऊर्जा योजना से जोड़ा जाए। साथ ही, जल संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) लागू करने की ठोस कार्य योजना बनाई जाए।

भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख: “पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं”

उपमुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद सभी उच्च अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी धन जनता की अमानत है और किसी भी दशा में पैसों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तत्काल बेहद सख्त दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

मोदी जी का विजन – सबको काम, सबको आवास, सबका हो विकास.. हमारा लक्ष्य ग्रामीण उत्तर प्रदेश का कायाकल्प करना है।
— केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya), उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

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