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माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक अब निजी अस्पतालों में भी करा सकेंगे कैशलेस इलाज

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लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों (Teachers) और शिक्षणेत्तर कर्मियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक, विषय विशेषज्ञ, मानदेय शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस-2025 के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी, जिस पर अब मंत्रिपरिषद ने औपचारिक मुहर लगा दी है। इस निर्णय से माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत करीब 2.97 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षा कर्मी एवं उनके आश्रित परिवार लाभान्वित होंगे। इस योजना पर सरकार द्वारा लगभग 89.25 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय किया जाएगा।

इन्हें मिलेगा योजना का लाभ-

फैसले के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक (व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों एवं मानदेय शिक्षकों सहित) संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक (मानदेय सहित), माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक, राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञ को आईपीडी (अंत: रोगी विभाग) में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस सुविधा का लाभ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे।

निजी अस्पतालों में भी मिलेगा कैशलेस इलाज-

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि यह योजना आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना की तर्ज पर लागू की जाएगी। कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ साचीज (SACHIS) से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगी।

वेरिफिकेशन के बाद मिलेगा लाभ-

स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को योजना का लाभ वेरिफिकेशन के बाद प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों को ही योजना में शामिल किया जाएगा।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक या कर्मी पहले से किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

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