Ration Card
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में 3.56 करोड़ से अधिक राशन कार्ड (Ration Card) धारकों को नि:शुल्क अनाज का वितरण प्रतिमाह किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत 15 करोड़ से अधिक सदस्य इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए 99.89 प्रतिशत राशन ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण द्वारा दिया गया है, जबकि शेष वितरण मोबाइल ओटीपी के जरिए सुनिश्चित किया गया। 01 जनवरी 2024 से भारत सरकार द्वारा अगले पांच वर्षों तक नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण के प्रावधान लागू होने के बाद यह व्यवस्था और सुदृढ़ हुई है।
डिजिटल प्रणाली से पात्र लोगों को नि:शुल्क अनाज-
प्रदेश में लागू व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की उचित दर दुकानों से नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। डिजिटल प्रणाली के कारण फर्जीवाड़े पर अंकुश लगा है और पात्र परिवारों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई है। इससे अंत्योदय और पात्र गृहस्थी परिवारों को स्थायी राहत मिली है।
वन नेशन वन कार्ड योजना से प्रवासियों को लाभ-
इसके साथ ही वन नेशन वन कार्ड योजना मई 2020 से लागू है, जिसके तहत कार्डधारक किसी भी राज्य की उचित दर दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। योजना लागू होने के बाद अब तक अन्य राज्यों के 1 लाख 82 हजार से अधिक राशन कार्ड (Ration Card) धारकों ने उत्तर प्रदेश से राशन (Ration) लिया, जबकि प्रदेश के 1 करोड़ 8 लाख से अधिक कार्डधारकों ने अन्य राज्यों में अपने अधिकार का उपयोग किया। यह व्यवस्था प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी सहूलियत साबित हुई है।
