Rail Through Raj

आरेडिका के जीएम की पुस्तक का यूनिवर्सल बुक सेलर्स पर विमोचन

119 0

आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना रायबरेली एवं रेल कोच फैक्टरी कपूरथला के महाप्रबंधक प्रशान्त कुमार मिश्रा द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘‘रेल थ्रु राज‘‘ द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841-1861) (Rail Through Raj: The East Indian Railway (1841-1861) ) का विमोचन यूनिवर्सल बुक सैलर गोमती नगर लखनऊ के सौजन्य से उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक द्वारा आज किया गया। बुक का विमोचन ब्रजेश पाठक, प्रशांत कुमार मिश्रा, मानव प्रकाश, गौरव प्रकाश, चंद्र प्रकाश, आलोक जौहरी ने किया।

महाप्रबंधक प्रशान्त कुमार मिश्रा भारतीय रेलव यांत्रिक अभियंता सेवा के वरिष्ठ अधिकारी होने के साथ-साथ रेल विरासत के संरक्षक, पर्यावरणविद, रेलवे इतिहासकार, लेखक भी हैं। जिन्होने कई उच्च स्तरी पुस्तकों लेखन भी किया है। जिनके के द्वारा रेलवे पर लिखी हुई प्रसिद्ध पुस्तकें जैसे- “द हाईवे ऑफ हिंदोस्तान- द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841-1871)” और “ट्रैक्स ऑफ नेसेसिटी- रेलवे, फेमाइन एंड एम्पायर इन डेक्कन” आदि का प्रकाशन किया जा चुका है।

‘‘रेल थ्रु राज‘‘ द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841-1861) (Rail Through Raj: The East Indian Railway (1841-1861) ) इस पुस्तक के 13 अध्याय में लेखक मिश्रा ने यह लिखा है कि 1841 से 1861 के कालखण्ड के दौरान किस प्रकार ईस्ट इंडियन रेलवे का गठन हुआ। प्रारम्भिक काल में कम्पनी एवं निवेशकों के मध्य किस तरह के जोखिम सामने आये उनका किस प्रकार निदान किया गया। आगे पुस्तक में ईस्ट इंडियन रेलवे के विभिन्न नियमो तथा अधिनियमों के साथ भारत में 1853 में चली पहली रेल एवं कम्पनी के प्रशासकों लार्ड डल्हौजी तथा लार्ड कैंनिग की कार्यवाहीओं का वर्णन किया है। इसी के साथ भारत विभिन्न भागों जैसे- मुम्मई, कलकत्ता, रानीगंज, राजमहल, भागलपुर, तथा हिंदी भाषी क्षेत्रों में किस प्रकार रेलवे का विकास हुआ। रेल ट्रैक निर्माण के समय जंगलों, जंगली जानवरों, नदियों, पहाड़ों, महामारियों आदि की समस्याओं के किए गये समाधानों को जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। देश प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में रेल की भूमिका के संबंध में लिखा है।

इस पुस्तक के नाम ‘‘रेल थ्रु राज‘‘ (Rail Through Raj) से जो भाव पाठकों के अन्तः पटल पर उत्पन्न होता है कि रेल के द्वारा किस प्रकार ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना की गयी। रेलवे के लिए बिछाई गयी इस्पात की पटरियां किस तरह से ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना की रीड बन गई प्राथमिक स्रोतों द्वारा विस्तृत चर्चा के माध्यम से समझाया गया है।

पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में नव भारत टाइम्स के सुधीर मिश्रा, द इंडियन व्यू के राघवेंद्र प्रताप सिंह के साथ भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी रहे आलोक जौहरी पूर्व बोर्ड सदस्य रेलवे बोर्ड, अतुल्य सिन्हा, एस के कटियार एवं रेलवे में कार्य कर रहे बी एल मीणा, रूपेश श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश, रवीश कुमार, रमेश कुमार, अकमल वदूद, आदि मौजूद रहे। प्रशांत कुमार मिश्रा के साथ वार्ता का कार्य नंदिनी वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रवक्ता सुधीर पांडे ने किया। कार्यक्रम का संचालन अस्थानंद पाठक उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी आरेडिका ने किया।

Related Post

Cow Shelters

65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

Posted by - January 9, 2026 0
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों (Cow Shelter) पर लगातार निगरानी, प्रबंधन…
बॉम्बे हाईकोर्ट

CAA का शांतिपूर्ण विरोध करने वाले गद्दार या देशद्रोही नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट

Posted by - February 15, 2020 0
मुंबई। बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA ) के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों पर…
Anandiben Patel

पीठासीन अधिकारी लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Posted by - January 19, 2026 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने कहा कि पीठासीन अधिकारी लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक होते…