home guards

सीएम योगी ने दिव्यांग होमगार्डों के आश्रितों की सुनी पुकार, भर्ती पर लगी रोक हटी

172 0

लखनऊ। योगी सरकार ने स्थाई रूप दिव्यांग होमगार्डों (Home Guards) के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक बार फिर अपने फैसलों से यह साबित किया है कि वह जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती है। हाल ही में सरकार ने स्थायी रूप से दिव्यांग होमगार्डों के आश्रितों की नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। योगी सरकार के इस निर्णय से उन दिव्यांग हो चुके परिवारों में उम्मीद की किरण जागी है, जो लंबे समय से नियुक्ति के लिए गुहार लगा रहे थे।

अपने सेवाकाल में स्थाई रूप से दिव्यांग हो चुके होमगार्डों (Home Guards) के आश्रितों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए योगी सरकार ने एक स्पष्ट और बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया का निर्धारण किया है। अब नियुक्ति के लिए जिलास्तर से लेकर डीजी होमगार्ड कार्यालय तक कई चरणों में जांच और सिफारिशें की जाएंगी।

नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर सीएम योगी का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के निर्देश पर प्रदेश के होमगार्ड विभाग ने आवेदन का सही और निष्पक्ष तरीके से परीक्षण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके लिए पात्र आश्रितों की जांच और नियुक्ति के लिए चार चरणों पर काम करेगा। इसके प्रथम चरण में आवेदन की जांच जिलास्तरीय सीएमओ समिति द्वारा की जाएगी। वहीं दूसरे चरण में जिलास्तरीय समिति द्वारा संस्तुति मिलने पर, जिला कमांडेंट इसे डीजी होमगार्ड के पास भेजेंगे। तृतीय चरण में मुख्यालय स्तर पर गठित समिति होगी जो चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, सभी तथ्यों की गहन जांच करेगी। इसके बाद फिर अंतिम चरण में डीजी होमगार्ड समिति की सिफारिशों के आधार पर नियुक्ति का अंतिम निर्णय लेंगे।

सीएम योगी ने लंबित मामलों का लिया संज्ञान

पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांग होमगार्डों के आश्रितों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध के कारण लगभग 250 से अधिक मामले लंबित हो गए थे। यह परिवार लगातार अनिश्चितता और आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे। लेकिन अब, योगी सरकार के इस कदम के बाद इन लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि 2022 में सामने आए अपात्र उम्मीदवारों की भर्ती और अनुग्रह राशि के दुरुपयोग के मामलों ने सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया था। लेकिन योगी सरकार ने इन घटनाओं को सुधार का अवसर बनाया। अब नई प्रक्रिया में हर स्तर पर जांच और निगरानी को मजबूत किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को भी बढ़ाया गया है, जिससे चिकित्सा जांच में कोई त्रुटि न हो इसके लिए प्रतिष्ठित संस्थानों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है, ताकि पात्रता का सही आकलन हो सके। साथ ही, जिम्मेदार समितियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि हर नियुक्ति पूर्ण सत्यापन के बाद ही हो।

मानवता और न्याय के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार

योगी सरकार का यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि यह मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। होमगार्ड, जो समाज की सुरक्षा और सेवा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, उनके परिवारों के प्रति यह संवेदनशीलता सरकार के मानवीय दृष्टिकोण को उजागर करती है। यह निर्णय उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपने प्रियजन के दिव्यांग होने के बाद आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे थे।

Related Post

राहुल गाँधी के राफेल मुद्दे पर पीएम पर निशाना साधने पर जेटली ने दिया जवाब,उठाया बोफोर्स मामला

Posted by - January 2, 2019 0
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने लोकसभा में राफेल के मुद्दे को एक बार फिर उठाते हुए प्रधानमंत्री पर…
Yogi government

गांधी जयंती पर एक लाख से अधिक नल कनेक्शन देकर यूपी ने बनाया रिकार्ड

Posted by - October 3, 2022 0
लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर योगी सरकार (Yogi Government) ने एक लाख…
राजद का घोषणापत्र जारी

झारखंड चुनाव के लिए राजद ने जारी किया घोषणापत्र, देखें मुख्य वादे

Posted by - November 24, 2019 0
रांची। राष्ट्रीय जनता दल ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। प्रदेश कार्यालय…
CM Yogi

नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री

Posted by - October 4, 2025 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के…