दूर होगी आर्थिक तंगी, मंदिर में जलाए दीपक

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हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, हवन करते समय दीपक (Deepak) जलाना बेहद शुभ माना जाता है. दीपक अनेकों प्रकार के होते हैं. जैसे चांदी का दीपक, मिट्टी का दीपक, तांबे का दीपक, पीतल का दीपक, आटे से बना हुआ दीपक, लेकिन इन सभी दीपक में जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाता है वह मिट्टी से बना हुआ दीपक (Deepak). हिंदू धर्म शास्त्रों में दीपक जलाने को लेकर कई सारी बातें बताई गई हैं. ज्योतिष शास्त्र में भी दीपक जलाने के महत्व को विस्तार से बताया गया है. इस विषय में हमे बता रहे हैं भोपाल के रहने वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा कौन सा दीपक किस उद्देश्य से जलाया जाना चाहिए.

-आटे का दीपक (Deepak)

आटे से बने दीपक को पूजा करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. आटे के दीपक का उपयोग किसी प्रकार की साधना या सिद्धि प्राप्ति के लिए की जाने वाली पूजा में किया जाता है.

-घी का दीपक (Deepak)

धन की कमी या आर्थिक तंगी से जूझ रहे व्यक्ति को रोजाना मंदिर में जाकर शुद्ध घी का दीपक जलाने की सलाह दी जाती है. ऐसा माना जाता है कि इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं.

-सरसों के तेल का दीपक (Deepak)

सरसों के तेल का दीपक भैरव जी के मंदिर में शत्रुओं से बचने के लिए जलाया जाता है. इनके अलावा सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए भी सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं.

-तिल के तेल का दीपक (Deepak)

शनि की साढ़ेसाती या शनि की ढैय्या से बचने के लिए तिल के तेल का दीपक शनि मंदिर में जलाना चाहिए. ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही अन्य देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं.

-चमेली के तेल वाला तिकोना दीपक (Deepak)

हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए चमेली के तेल से का तिकोना दीपक जलाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे हनुमान जी की पूजा करने पर उनकी कृपा सदैव बनी रहती है.

-12 मुखी दीपक (Deepak)

भगवान शिव की कृपा पाने के लिए 12 मुखी दीपक घी या सरसों के तेल में जलाना चाहिए. ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा अपने भक्तों पर बनाए रखते हैं.

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