मध्यप्रदेश में एससी-एसटी ऐक्ट को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर दलितों के खिलाफ दर्ज हुए केस वापस लेने का फैसला

1122 0

भोपाल।मध्यप्रदेश में जहाँ अब बीजेपी का शासन समाप्त और कांग्रेस राज शुरू हो चुका है वहीँ कमलनाथ के नेतृव्य में कांग्रेस बीजेपी द्वारा लागू किये गए सभी फैसलों को वापस लेने में जुटी है। एमपी की कांग्रेस सरकार ने कहा है कि एससी/एसटी ऐक्ट 1989 को लेकर 2 अप्रैल 2018 को हुए भारत बंद के दौरान लगाए गए केसों के साथ-साथ इस तरह के सभी केस जो पिछले 15 सालों में बीजेपी ने लगाए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा।

इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने एससी-एसटी ऐक्ट को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर दलितों के खिलाफ दर्ज हुए केस वापस लेने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने बीएसपी चीफ मायावती के दबाव में यह फैसला लिया है। बता दें कि सोमवार को ही बीएसपी चीफ मायावती ने बयान जारी कर कहा था कि यदि सूबे में दलितों पर केस वापस न हुए तो समर्थन वापसी पर विचार किया जा सकता है। इस धमकी का ही असर है कि अगले ही दिन कांग्रेस सरकार ने बीजेपी सरकार में दलितों पर लगे केसों को वापस लेने की घोषणा की है। यही नहीं दलितों पर बीते 15 सालों में दर्ज हुए इस तरह के अन्य केसों को भी वापस लिया जाएगा। मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ‘एससी/एसटी ऐक्ट 1989 को लेकर 2 अप्रैल 2018 को हुए भारत बंद के दौरान लगाए गए केसों के साथ-साथ इस तरह के सभी केस जो पिछले 15 सालों में बीजेपी ने लगाए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा।’

बता दें सोमवार को बीएसपी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा था, ‘भारत बंद के दौरान यूपी सहित बीजेपी शासित राज्यों में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई में लोगों को फंसाया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ चल रहे केस को वहां (एमपी और राजस्थान में) बनीं कांग्रेसी सरकारें वापस लें। अगर इस मांग पर कांग्रेस सरकार ने अविलंब कार्रवाई नहीं की तो हम उसे बाहर से समर्थन देने के बारे में पुनर्विचार कर सकते हैं।’ बीएसपी की इस धमकी के बाद कांग्रेस की टेंशन बढ़ गई थी।

गौरतलब है कि 2018 में 2 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में एससी/एसटी ऐक्ट को लेकर दलितों का आंदोलन हुआ था, इस दौरान राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा केस दर्ज किए गए थे। मायावती की धमकी के बाद एमपी में तो केस वापस लेने की घोषणा हो गई है लेकिन राजस्थान सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। आपको बता दें कि सोमवार को बीएसपी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा था, ‘भारत बंद के दौरान यूपी सहित बीजेपी शासित राज्यों में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई में लोगों को फंसाया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ चल रहे केस को वहां (एमपी और राजस्थान में) बनीं कांग्रेसी सरकारें वापस लें। अगर इस मांग पर कांग्रेस सरकार ने अविलंब कार्रवाई नहीं की तो हम उसे बाहर से समर्थन देने के बारे में पुनर्विचार कर सकते हैं।’ बीएसपी की इस धमकी के बाद कांग्रेस की टेंशन बढ़ गई थी।

Related Post

Sambit Patra

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, लोगों से मां-बेटे की जोड़ी…

Posted by - June 14, 2022 0
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर…
mahila gram pradhan

योगीराज में ‘घूंघट’ से निकलकर गांव की सूरत बदल रहीं महिला ग्राम प्रधान

Posted by - July 25, 2023 0
लखनऊ। मिशन शक्ति (Mission Shakti) के तहत प्रदेश की महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने में जुटी योगी सरकार…
PM Modi

टनल में फंसे श्रमिकों को लेकर पीएम मोदी बेहद संवेदनशील, सीएम धामी से ले रहे है अपडेट

Posted by - November 24, 2023 0
देहरादून/उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल (Uttarkashi Tunnel) में फंसे श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर भी बेहद…