Swatantra Dev

यूपी: स्वतंत्रदेव सिंह बीजेपी के 19वें निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित

1043 0

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में गहमागहमी के बीच शुक्रवार को स्वतंत्र देव सिंह 19वें प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के चुनाव पर्यवेक्षक भूपेन्द्र यादव पार्टी के नये प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ था। इसलिए स्वतंत्र देव सिंह के नाम की घोषणा करता हूं।

भारत को झटका : यूएन ने भी घटाया की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 

बता दें कि गुरुवार दोपहर 2 बजे से शाम 4 तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नामांकन पत्र ही दाखिल हुआ था, जबकि ठीक चार बजे समयावधि खत्म होने के बाद मंगल पांडेय ने औपचारिकता पूरी की।

राष्ट्रीय परिषद के 80 सदस्यों के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को मनोनयन का अधिकार दिया

इस मौके पर केंद्रीय कार्यालय की तरफ से भूपेंद्र यादव को सम्मान पत्र दिया गया। इससे पहले राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के मनोनयन का प्रस्ताव सीएम योगी आदित्यनाथ ने रखा था। डिप्टी सीएम और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, रमापति राम त्रिपाठी ने सीएम के प्रस्ताव का समर्थन किया। राष्ट्रीय परिषद के 80 सदस्यों के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को मनोनयन का अधिकार दिया।

सुनील बंसल और स्वतंत्र देव सिंह की जोड़ी 2022 के लिए काम करेगी और नजारा 100 में 60 हमारा है, बाकी में बंटवारा

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बहुत ही परिश्रमी और अनुभवी हैं स्वतंत्र देव सिंह। डिप्टी सीएम ने कहा कि इनकी प्रशंसा सूरज को दीपक दिखाने जैसा है। उन्होंने कहा कि सुनील बंसल और स्वतंत्र देव सिंह की जोड़ी 2022 के लिए काम करेगी और नजारा 100 में 60 हमारा है, बाकी में बंटवारा है। मौर्य ने कहा कि सपा कांग्रेस, सपा बसपा दोनों मिलकर लड़ चुके हैं। ऐसे में विपक्ष मुद्दा उठाता है, जिसका कोई मतलब नहीं रखता। डिप्टी सीएम ने दावा करते हुए कहा कि सीएए के मुद्दे पर पूरा देश समर्थन में खड़ा है।

Related Post

vidhan abha march

पटना: तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर मजदूर सभा का विधानसभा मार्च

Posted by - March 24, 2021 0
पटना। तीनों कृषि विरोधी कानून  (Agricultural Laws)  को रद्द करने, फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी की कानूनी गारंटी…