केदारनाथ : यहां नहीं टेका मत्था तो अधूरा माना जाएगा बाबा भोले का दर्शन

925 0

डेस्क।  केदानाथ धाम के पट खुल चुके हैं। मंदिर को काफी चमत्कारी माना जाता है।ऐसा ही एक चमत्कार हुआ था साल 2013 में। जब जल आपदा में तीर्थयात्रियों समेत सबकुछ सर्वनाश हो गया था उस समय मंदिर को बिलकुल भी क्षति नहीं पहुंची थी। मंदिर के चमत्कार का ही प्रभाव है कि हर साल कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का जत्था भोलेनाथ के दर्शन के लिए रवाना होता है। इन जगहों पर मत्था टेकना न भूलें क्योंकी इन जगहों पर दर्शन किए बिना आपकी केदारनाथ यात्रा अधूरी मानी जाएगी।

ये भी पढ़ें :-रोजे के दौरान महसूस न हो कमजोरी, इसलिए इन चीजों का करें सेवन 

आपको बता दें केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित इस कुंड में केदारनाथ के अभिषेक  का जल रहता है। कहा जाता है कि यह जल अमृत तुल्‍य है। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु इस अमृतमयी जल को पीते  हैं। मान्यता है यह भी है कि अमृत कुंड के जल से लोगों की त्‍वचा संबंधी बीमारियां भी दूर हो जाती हैं। सनात धर्म में अमृत कुंड के जल को गंगा जल जैसा ही पावन बताया गया है।

ये भी पढ़ें :-शुरू हुआ रमजान का मुबारक महीना, जानें क्या है इस महीने की खासियत 

जानकारी के मुताबिक रेतस कुंड. इसकी ख़ास बात है कि कुंड के पास जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाने पर कुंड में पानी के बुलबुले उठते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त इस जल को पीते हैं वो शिवलोक को प्राप्त होते हैं।

Related Post

राजस्थान विधानसभा में संकल्प पारित

सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ राजस्थान विधानसभा में संकल्प पारित

Posted by - January 25, 2020 0
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शनिवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के…
विजय दिवस

विजय दिवस : 10 लाख लोग शरणार्थी होकर भारत आए, विस्थापितों में 90 फीसदी थे हिंदू

Posted by - December 11, 2019 0
नई दिल्ली। 1971 में पाकिस्तान सेना ने पूर्वी पाकिस्तान में बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि वहां के 10…
सिख दंगा

सिख दंगा: मनमोहन सिंह के बयान पर पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के पोते ने दी सफाई

Posted by - December 5, 2019 0
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर बुधवार को एक बयान दिया था।…