health services of UP

यूपी के मरीजों को मिल रहा क्वालिटी ट्रीटमेंट

334 0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services) को बेहतर करने के लिए प्रयासरत हैं। उनका यह प्रयास रंग भी ला रहा है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हुआ है। पूरे देश में प्रदेश के जिला चिकित्सालयों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस मानक (एनक्यूए) के आधार पर प्रथम स्थान मिलना इसका जीता जागता उदाहरण है, जिसे भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जिला चिकित्सालयों की गुणवत्ता पर प्रदान किया जाता है।

यह प्रमाण पत्र नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस (एनक्यूए) स्टैंडर्ड मानकों के आधार पर तीन चरणों की जटिल प्रक्रिया के बाद प्रदान किया जाता है। वहीं योगी सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य कमियों को स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) का प्रशिक्षण युद्धस्तर पर दिया जा रहा है।

उपचार पर जीरो पॉकेट खर्च पर काम कर रही योगी सरकार

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से हाल ही में प्रदेश के जिला चिकित्सालयों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने पर 46 जिलों की 81 चिकित्सा इकाइयों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रमाणपत्र दिया गया है, जिसमें 43 जनपद स्तरीय, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। वहीं प्रदेश के अन्य चिकित्सा इकाइयों को एनक्यूए प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए योगी सरकार की ओर विभिन्न आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने एक बैठक में उच्च अधिकारियों को प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापरक उपचार के साथ जीरो पॉकेट खर्च पर काम करने के निर्देश दिये हैं, ताकि लोग प्राइवेट अस्पतालों की ओर रूख न करें। इसके साथ ही प्रदेश की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में मातृ और बाल स्वास्थ्य में सुधार के साथ प्रमाणीकरण के लिए लक्ष्य और मुस्कान प्रमाणीकरण कार्यक्रम युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।

बलरामपुर अस्पताल के पूर्व निदेशक डा. राजीव लोचन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।

जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर में कमी लाने को दी जा रही एसबीए ट्रेनिंग

सरकार प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को सौ प्रतिशत सुरक्षित प्रसव की सुविधा देने और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रदेश के प्रसव केंद्र पर तैनात एएनएम, एलएचवी (लेडी हेल्थ विजिटर), स्टाफ नर्स, आयुष महिला डॉक्टर्स की क्षमता को बढ़ाने के लिए स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) ट्रेनिंग दे रही है। इसका मुख्य लक्ष्य नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के अनुसार प्रति लाख डिलीवरी के वक्त मातृ मृत्यु दर जो 167 है, उसे कम करके वर्ष 2030 तक 70 पर लाना है। इसी तरह नवजात शिशु मृत्यु दर (प्रति एक हजार जीवित प्रसव) 28 है, जिसे वर्ष 2030 तक 12 तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

गर्मियों में भी बेहतर रहेगी प्रदेश की विद्युत आपूर्ति

ट्रेनिंग के दौरान स्टाॅफ को एक्टिव मैनेजमेंट ऑफ थर्ड स्टेज ऑफ लेबर की जानकारी भी दी जा रही है ताकि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सके। प्रदेश की करीब पांच हजार एएनएम, एलएचवी, स्टाफ नर्स और आयुष महिला डॉक्टर को एसबीए की ट्रेनिंग दी जा रही है।

Related Post

CM Yogi heard the problems of 300 people

सरकार का संकल्प, किसी के साथ नहीं होगा अन्याय : मुख्यमंत्री

Posted by - April 7, 2025 0
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित…
अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका

मस्जिद के लिए दूसरी जगह मंज़ूर नहीं, SC में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा AIMPLB

Posted by - November 17, 2019 0
लखनऊ। अयोध्या फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने के मसले पर रविवार को ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल…
पीएम मोदी

कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश को कांग्रेस ने बनाया एटीएम, निकल रहे नोट – पीएम मोदी

Posted by - April 10, 2019 0
गुजरात। जूनागढ़ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अपनी र विरोधी पार्टी कांग्रेस पर एक बार…
corona cases in india

यूपी में कोरोना के 103 नये मामले, तीन और की मौत लखनऊ में 17 मिले संक्रमित,

Posted by - February 14, 2021 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब सोमवार के साथ ही मंगलवार को भी फ्रंट लाइन वर्कर्स का वैक्सीनशन होगा। अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने रविवार को बताया कि अब तक 8.9 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन कर्मियों को कोविड वैक्सीनेशन लगाने का काम किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के बाद फ्रंट लाइन कर्मियों को टीके लगाये जा रहे हैं। इसी क्रम में 15 और 16 फरवरी को वैक्सीन के लिए चिन्हित लोगों को दो दिन पहले ही सूचित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये गये हैं, जिससे कि संबंधित कर्मी समय से पहुंचकर वैक्सीन की डोज लगवा सके। इसी बीच प्रदेश में रविवार को कोरोना के 103 नये मामले सामने आये हैं, जबकि तीन और की मौत हो गयी है। इसी तरह राजधानी लखनऊ में भी 17 और पीड़ित मिले हैं और एक मरीज की मौत हो गयी है। मौजूदा समय में प्रदेश में संक्रमण अब स्थिति लगभग पूरी तरह से नियंत्रण में है। जहां एक तरफ रोज होने वाली मौतों की संख्या में भरी कमी हुई है, वहीँ दूसरी तरफ एक्टिव केसेस का नंबर भी कम हो रहा है। वैसे प्रदेश में अब तक कुल 6,02,190 संक्रमित मिल चुके हैं। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा भी अब बढ़ कर 8,702 हो गया है। रविवार को मरने वालों में लखनऊ के अलावा मेरठ और लखीमपुर खीरी के 1-1 मरीज शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को बात करते हुए बताया कि प्रदेश में कोविड से रिकवरी का प्रतिशत अब 98 फीसदी से ज्यादा हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 156 और अब तक 5,90,448 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,85,179 क्षेत्रों में 5,11,270 टीम दिवस के माध्यम से 3,14,57,411 घरों के 15,27,66,050 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शनिवार को एक दिन में कुल 1,21,440 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 2,95,61,480 सैम्पल की जांच की गयी है। सहगल ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस का नया प्रयोग कर हर परिवार तक पहुंच कर उनका हालचाल लेते हुए कोविड संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 2.95 करोड़ से ज्यादा कोविड के टेस्ट और 15.27 करोड़ से ज्यादा व्यक्तियों से संपर्क कर कोविड संक्रमण की जानकारी ली गयी है। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण कम हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश सरकार के कोविड संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण की कार्ययोजना कारगर सिद्ध हो रही है। प्रदेश में सर्विलांस, कांट्रैक्ट कांटेक्ट व एग्रेसिव टेस्टिंग से कोविड नियंत्रण में सफलता मिली है।