Related Post
भारत समेत दुनिया के 13 देशों ने दी अफगानिस्तान में तालिबान को मान्यता, चीन और रूस रहे दूर
अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान से अपनी सेना को वापस बुलाने के बाद अब तालिबान को मान्यता देने का क्रम शुरु हो…
लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं मेले: सीएम धामी
देहरादून/अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि लोक संस्कृति और लोक परम्पराओं को मेले बढ़ावा देते हैं। उत्तराखंड में धार्मिक…
देश में मिलें 4 लाख से ज्यादा नए संक्रमित, 3523 की मौत
भारत में वैश्विक महामारी कोरोना (Corona in India) से संक्रमितों लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24…
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में लाई है नई रोशनी – अमित शाह
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के…
कोरोना वायरस : पूर्वांचल विश्वविद्यालय व सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की परीक्षा स्थगित
लखनऊ। कोरोना वायरस से बचाव के चलते वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय व सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाये स्थगित कर…


चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (Rajiv Kumar) को गुरुवार को अगले मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। कानून मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार सुशील चंद्रा के 14 मई को पद छोड़ने के बाद कुमार 15 मई को नए सीईसी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। अधिसूचना में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 324 के खंड (2) के अनुसरण में राष्ट्रपति, राजीव कुमार को 15 मई 2022 से मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करते हुए प्रसन्न हैं। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। राजीव कुमार की ही निगरानी में आगामी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के अलावा 2024 के लोकसभा चुनाव होंगे।
अब दुनिया को देने जाते हैं प्रधानमंत्री मोदी , लेने नहीं : जेपी नड्डा
कौन हैं नव नियुक्त सीईसी राजीव कुमार (Rajiv Kumar)?
1. 1960 में पैदा हुए चुनाव आयुक्त राजीव कुमार फरवरी 2025 तक इस पद पर रहेंगे।
2. तत्कालीन चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के इस्तीफे के बाद, राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने 1 सितंबर 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
3. राजीव कुमार(Rajiv Kumar) लोक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके है।
4. राजीव कुमार बिहार/झारखंड कैडर के 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और फरवरी 2020 में सर्विस से सेवानिवृत्त हुए।
5. ये 19 मार्च 2012 से 12 मार्च 2015 तक संयुक्त सचिव और तत्कालीन अतिरिक्त सचिव, व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय के पद पर तैनात थे। उन्होंने 12 मार्च 2015 से 30 अगस्त 2017 तक स्थापना अधिकारी, विशेष सचिव, कार्मिक लोक शिकायत, पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के रूप में कार्यभार संभाला।