President Murmu

बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है: राष्ट्रपति

46 0

रायपुर, 07 फरवरी 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Murmu ) आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम-2026’ का शुभारंभ किया। द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा। सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति (President Murmu ) ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

उन्होंने (President Murmu ) कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं और लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहाँ के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Murmu ) ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल रमेन डेका

राज्यपाल रमेन डेका ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद और जनजातीय समाज के लिए सम्मान है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता है।

अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र की जीत है।
विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। नई पुनर्वास नीति से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा का उजाला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।

Related Post

CM Vishnudev Sai

मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिलना सौभाग्‍य की बात: विष्णुदेव साय

Posted by - May 22, 2025 0
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnudev Sai) ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर में दिए गए प्रधानमंत्री…
CM Vishnudev Sai

मुख्यमंत्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में नाै जवानाें के बलिदान पर जताया शाेक

Posted by - January 6, 2025 0
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के कुटरू में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में 8 जवानों सहित…
CM Vishnudev Sai

आरक्षण कभी खत्म नहीं होगा, छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बहाएंगे : विष्णुदेव साय

Posted by - April 21, 2024 0
रायपुर/पंडरिया। कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है, इसलिए जनता को अलग-अलग मुद्दों पर भरमा रही है, तरह-तरह के षड़यंत्र कर रही…
CM Vishnu Dev Sai

सीएम साय ने गरियाबंद में सुरक्षाबलों की बहादुरी काे किया सलाम

Posted by - January 21, 2025 0
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला गरियाबंद के मैनपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी जंगल में सुरक्षाबलों…
IED Blast

नारायणपुर में नक्सलियों ने गांव में किया IED ब्लास्ट, एक ग्रामीण की मौत, 3 घायल

Posted by - January 11, 2025 0
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों की ओर से किए गए दो आईडी ब्लास्ट (IED Blast) में एक ग्रामीण की…