पीएम मोदी

मुझे गालियां दी, जवानों के खून का दलाल कहा गया, ये है ‘प्रेम’ की डिक्शनरी – पीएम मोदी

993 0

कुरुक्षेत्र। पीएम मोदी आज ‘धर्मनगरी’ कुरुक्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी लोगों की देश प्रेम वाली डिक्शनरी की बात करें तो मुझे गाली देते हुए कई बार मर्यादा तार-तार की गई। इससे पता चलता है कि वे कितने देश प्रेमी हैं। पद की मर्यादा का ख्याल भी उन्हें नहीं रहा है।

ये भी पढ़ें :-दिल्ली की कुर्सी के लिए बीजेपी व कांग्रेस में जंग तेज, मोदी विजय संकल्प तो प्रियंका का रोड शो 

आपको बता दें पीएम के मंच पर पहुंचते ही लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। मंच पर पीएम के साथ सीएम मनोहर लाल, अम्बाला प्रत्याशी रतनलाल कटारिया, कुरुक्षेत्र प्रत्याशी नायब सैनी, करनाल प्रत्याशी सतीश भाटिया, मंत्री अनिल विज, कृष्ण बेदी व करणदेव कंबोज मौजूद हैं।

ये भी पढ़ें :-आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में गिरिराज ने किया आत्मसमर्पण, मिली जमानत

जानकारी के मुताबिक विपक्षियों की प्रेम की डिक्शनरी से ही मेरे लिए गद्दाफी, मुसोलिनी और हिटलर जैसे शब्द निकले। अगर प्रेम की डिक्शनरी ऐसी होती है, तो मुझे नहीं चाहिए और न ही कभी इसकी चाह करुंगा।वहीँ मुझे स्टूपिड कहा गया, जवानों के खून का दलाल तक कहा गया।

Related Post

Abdulla Azam Khan

आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की बढ़ी मुश्किलें, गलत जन्‍मतिथि देने के आरोप में FIR

Posted by - March 5, 2021 0
रामपुर।  सपा के कद्दावर नेता और सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला खान (Abdullah Khan) के खिलाफ रामपुर में एफआईआर…

धनिया की पत्ती में छिपे खूबसूरती निखारने के हजारों गुण, जानें कैसे

Posted by - September 15, 2019 0
लखनऊ डेस्क। महिलाएं अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए कई तरह के महंगे-महंगे ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं,…
AK Sharma

गणतंत्र दिवस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का पर्व: ए के शर्मा

Posted by - January 25, 2026 0
लखनऊ: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने देश एवं प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं…
PM Modi

बोले प्रधानमंत्री – गुरु रविदास जी मुझे बार बार अपनी जन्मभूमि पर बुलाते हैं .

Posted by - February 23, 2024 0
वाराणसी । संत रविदास कहते हैं, ‘जात पात के फेर मंहि, उरझि रहइ सब लोग। मानुषता कूं खात हइ, रैदास जात…