Prof. Vinay Kumar Pathak

एकेटीयू में बिज़नेस क्रिएशन एंड डेवलपमेंट पर ऑनलाइन लेक्चर आयोजित

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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में गुरुवार को कुलपति प्रो. विनय पाठक की अध्यक्षता में ऑनलाइन विशेष व्याख्यानमाला का बारहवां व्याख्यान टीईक्यूआईपी थ्री के माध्यम से आयोजित किया गया। ये सभी व्याख्यान आत्म निर्भर भारत अभियान लेक्चर सीरीज के अंतर्गत किये जा रहे हैं। जिसमे आज का विषय ” बिज़नेस क्रिएशन एंड डेवलपमेंट” रहा।

इस अवसर पर डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी), दिल्ली के निदेशक सुजीत बनर्जी ने बतौर मुख्य वक्ता प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए विवि के प्रति कुलपति प्रो विनीत कंसल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए वोकल फ़ॉर लोकल के मंत्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में विवि द्वारा एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम में एमएसएमई विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रहा है ।

AKTU ने इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन एवं स्टार्टअप सेंटर की स्थापना की है। जिसमे विवि अपने स्तर से कलाम एंटरप्रेन्योरशिप लीग, स्टार्टअप परिक्रमा और इनोवेशन गैलरी जैसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा हैं। इसके साथ ही विवि ने उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु डी एस टी द्वारा आवंटित कार्यक्रम भी किये हैं।

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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  सुजीत बनर्जी ने छात्रों को स्टार्टप के लिए किये जाने वाले प्रारंभिक प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए टीम जुटाना, प्रारम्भिक वित्तीय प्रबंधन, प्रोडक्ट या सर्विस की उपयोगिता तक पहुंचना और इस पूरे चक्र में आने वाली हर छोटी बड़ी समस्या का कोई नवीन हल खोजना सबसे महत्वपूर्ण है। उपयोगिता के फीड़बैक स्टार्टअप में बेहद सहायक सिद्ध होते है।

प्रारम्भिक फंडिंग के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओ के लाभ लेने के लिए छात्र को किसी टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर में अपना आईडिया रजिस्टर करवाना होता है।
उन्होंने निधि, ई.आई.आर. , प्रयास , टी. बी.आई.आदि योजनाओ के बारे में विस्तृत प्रतुतीकरण दिया जिससे छात्र लाभान्वित हो सकें।

छात्रों को अपने बिज़नेस प्लान बनाने में किस प्रकार कस्टमर के आवश्यकता, सुविधा, तकनीक, और अपने आईडिया पर किये गए शोध को स्पष्ट रूप से शामिल करना चाहिए। इस ऑनलाइन व्याख्यान में विवि से सम्बद्ध संस्थानो के 150 से अधिक छात्र व छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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