Kalpavas

प्रयागराज महाकुम्भ में संयम, साधना और तप की त्रिवेणी का साक्षी बनेगा कल्पवास

227 0

महाकुम्भ नगर। प्रयागराज के संगम तट में लगे आस्था के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक समागम में तप, साधना और संयम की त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है। भक्ति और अध्यात्म की यह त्रिधारा है कल्पवास (Kalpavas) जिसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ होगी । प्रदेश की योगी सरकार ने महाकुम्भ (Maha Kumbh) में कल्पवासियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए हैं।

महाकुंभ में 7 लाख से अधिक कल्पवासियों से गुलजार होंगे गंगा के तट

महाकुम्भ अध्यात्म और संस्कृति का दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है। यहां ज्ञान, भक्ति और साधना के विविध रंग दिखते हैं। महाकुम्भ में अखाड़ों के वैभव के अतिरिक्त यहां कल्पवासियों की जप, तप और संयम की त्रिवेणी भी प्रवाहित होती है। पौष पूर्णिमा से पूरे एक महीने तक गंगा और यमुना की रेत पर तंबुओं के शिविर बनाकर ठिठुरती ठंड में साधना करने वाले कल्पवासियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।

एडीएम महाकुम्भ विवेक चतुर्वेदी बताते हैं कि इस बार लगभग सात लाख कल्पवासियों (Kalpavas) के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की है। कल्पवासी की उम्र और अवस्था को देखते हुए इन्हें बसाया जा रहा है। मेला के विभिन्न सेक्टर्स में लगभग 900 बीघे में इन्हें बसाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में मूल रूप से कल्पवास करने वाले इन श्रद्धालुओं को गंगा के तटों के पास ही तंबुओं की व्यवस्था की गई थी, ताकि सुबह प्रतिदिन इन्हें गंगा स्नान के लिए दूर तक न चलना पड़े।

कल्पवासियों के शिविर में स्वच्छता पर प्राथमिकता

योगी सरकार प्रयागराज महाकुम्भ को दिव्य ,भव्य और स्वच्छ स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। एसडीएम मेला अभिनव पाठक के मुताबिक विभिन्न सेक्टर में बस रहे कल्पवासियों के शिविर में भी स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है।

महाकुम्भ में पहली बार चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टीथर्ड ड्रोन तैनात

कल्पवासियों के शिविर में कलर कोडेड डस्टबिन रखे जाएंगे। सूखे कूड़े के लिए अलग और गीले कूड़े के लिए अलग डस्टबिन होंगे। गंगा किनारे किसी तरह का कूड़ा जमा न हो पाए, इसलिए वहां भी डस्टबिन रखे जायेगें। कल्पवासियों से भी अपील की जाएगी कि वह सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल शिविर में न करे। इसके लिए सभी शिविरों के बाहर पोस्टर भी लगाए जाएंगे।

कल्पवासियों के शिविरों में अलाव की व्यवस्था

माघ के जिस महीने में ये कल्पवासी गंगा के तट पर कल्पवास करते हैं, वह समय कड़ाके की ठंड का होता है। बुजुर्ग कल्पवासियों के लिए शीत लहरी से बचाव हो इसके लिए भी प्रशासन कई कदम उठा रहा है। अभिनव पाठक बताते हैं कि प्रशासन कल्पवासियों के शिविर के बाहर अलाव जलाने की व्यवस्था करेगा ताकि शीत लहरी से कल्पवासियों का बचाव हो सके।

Related Post

UP Vidhansabha

अब नए ‘स्पीच रिकग्निशन सॉफ्टवेयर’ से लैस होगी उत्तर प्रदेश की विधान सभा

Posted by - November 27, 2023 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की उन्नति के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल कर रही योगी सरकार अब प्रदेश की विधान…
CM Yogi

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः मुख्यमंत्री योगी

Posted by - March 28, 2026 0
जेवर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह…
Transgender Clinic

किन्नर समाज को मिलेगा बेहतर और समुचित इलाज, दूसरा ट्रांसजेंडर क्लिनिक UPUMS सैफई में शुरू

Posted by - April 16, 2026 0
सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजय सिंह के अथक प्रयासों से प्रदेश का दूसरे ट्रांसजेंडर क्लिनिक…
Alopshankari Mandir

महाकुंभ में विश्व को चौंकाने जा रहा देश का इकलौता बिना मूर्ति वाला शक्तिपीठ

Posted by - October 25, 2024 0
प्रयागराज: प्रयागराज का आदिकालीन अलोपशंकरी का सिद्धपीठ (Alopshankari Mandir) श्रद्धा एवं आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। इस महाकुंभ में…