Badrinath Dham

विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

370 0

श्री बदरीनाथ धाम/देहरादून। विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham)  के कपाट श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में शनिवार अपराह्न तीन बजकर तैतीस मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करने के बाद कार्तिक शुक्ल षष्ठी श्रवण नक्षत्र में शीतकाल हेतु बंद हो गये। मौसम हालांकि आज साफ रहा और दिन में धूप खिली रही। इससे कुछ दिन पहले यहां बर्फवारी हुई थी।

कपाट बंद के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Dham)  को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया तथा सिंह द्वार परिसर में गढ़वाल स्काट के बैंड की भक्तिमय धुनों से संपूर्ण बदरीनाथ गुंजायमान हो रहा था‌। जय बदरीविशाल के उद्घोष गूंज रहे थे।

इस अवसर पर साढ़े पांच हजार से अधिक तीर्थयात्री कपाट बंद होने के साक्षी बने। बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेष ने मंदिर को फूलों से सजाया। इस अवसर पर दानीदाताओं, भारतीय सेना ने तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे आयोजित किये। कपाट बंद के पश्चात, बदरीनाथ से रविवार प्रात: श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी की देव डोली पांडुकेश्वर तथा आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ प्रस्थान करेगी।

कपाट बंद होने के शुभ अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा- निर्देशन में इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ- केदारनाथ यात्रा ऐतिहासिक रही है। इस बार सबसे अधिक 38 लाख तीर्थयात्रियों ने बदरी- केदार के दर्शन किए। जिनमें से आज कपाट बंद तक अठारह लाख चालीस हजार से अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है। उन्होंने यात्रा में योगदान करने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थानों को बधाई दी है।

मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिह ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि से 17 नवंबर तक 18 लाख 36 हजार 519 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है। जो पिछले सभी यात्रा वषों में सबसे अधिक है।

उल्लेखनीय है कि कपाट बंद (Badrinath Dham) होने की प्रक्रिया 14 नवंबर से शुरू हो गयी थी। इस दिन श्री गणेश जी के कपाट बंद हुए, 15 नवंबर को आदि केदारेश्वर तथा आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हुए। इसके अगले दिन 16 नवंबर को खडगपुस्तक पूजन तथा 17 नवंबर को महालक्ष्मी जी की पूजा कढाई भोग संपन्न हुआ। आज रोजाना की तरह प्रात: महाभिषेक के बाद बालभोग लगा दिन में 11 बजे राजभोग लगा उसके बाद मंदिर बंद नहीं हुआ, पौने एक बजे अपराह्न सांयकालीन पूजा शुरू हुई। पौने दो बजे रावल जी ने स्त्री रूप धारण कर लक्ष्मी जी को बदरीनाथ मंदिर गर्भ गृह में विराजमान किया। इससे पहले श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी मंदिर प्रांगण में विराजमान हुए। सवा दो बजे शायंकालीन भोग तथा शयन आरती संपन्न हुई। ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक रावल द्वारा कपाट बंद की रस्म पूरी करते हुए भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल द्वारा हाथ से बुना गया ऊंन का घृत कंबल औढाया गया।

तीन बजकर तैतीस मिनट पर श्री बदरीनाथ मंदिर गर्भगृह तथा मुख्य सिंह द्वार के कपाट रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी द्वारा शीतकाल के लिए बंद कर दिये गये। इसी के साथ ही कुबेर जी रात्रि प्रवास हेतु बामणी गांव चले गये।

इस दौरान, धाम के धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल तथा वेद पाठी रविंद्र भट्ट द्वारा रावल के साथ पूजा- अर्चना संपन्न की गयी।

उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट बंद होने के बाद आज बदरीनाथ में प्रवास के बाद रविवार सुबह श्री उद्धव जी योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर तथा श्री कुबेर जी की देवडोली ने कुबेर मंदिर पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान किया जाएगा।

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम रावल के साथ आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी ने श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ के लिए प्रस्थान किया। रविवार को आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी एवं रावल योग बदरी पांडुकेश्वर में प्रवास करेंगे। श्री उद्धव जी तथा कुबेर जी पांडुकेश्वर में शीतकाल में प्रवास करेंगे जबकि 20 नवंबर को आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी रावल जी के साथ जोशीमठस्थित श्री नृसिंह मंदिर पहुंचेगी। आदि गुरू शंकराचार्य गद्दी स्थल श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में विराजमान हो जायेगी इसी के साथ इस वर्ष श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन होगा तथा योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह बदरी जोशीमठ में शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेंगी।

कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार,मंदिर समिति सदस्य वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, सदस्य आशुतोष डिमरी, सुभाष डिमरी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी/ डिप्टी सीईओ कुमकुम जोशी,,प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित,मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण,एई गिरीश देवली मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहे।

Related Post

Rising Rajasthan Global Investment Summit

Rising Rajasthan: जयपुर में कल 32 देशों के उद्योगपतियों का सम्मेलन, पीएम मोदी करेंगे उद्धाटन

Posted by - December 8, 2024 0
जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 (Rising Rajasthan) का आरंभ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) द्वारा 09…
cm dhami

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग के लिए गुणात्मक वृद्धि होगी: सीएम धामी

Posted by - August 5, 2022 0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने उत्तराखंड में उत्पादित आम की प्रथम खेप, शहद एवं राजमा के अंतरराष्ट्रीय…
Election commission

बंगाल चुनाव : ADG समेत कई अफसरों के तबादले, निर्वाचन आयोग को मिली थी शिकायत

Posted by - March 25, 2021 0
कोलकाता। चुनाव आयोग (Election Commission) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में एडीजी सहित कई अफसरों के तबादले किए हैं। आधिकारिक…
Naxalites Encounter

बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, 12 नक्सलियों को किया ढेर

Posted by - January 16, 2025 0
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में 12 नक्सली (Naxalites) मारे गए।…