Anand Bardhan

गणतंत्र दिवस केवल पर्व नहीं, संविधान और कर्तव्य का संकल्प: मुख्य सचिव

112 0

देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने सोमवार को सचिवालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वज फहराकर सभी प्रदेशवासियों एवं सचिवालय में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि हम सब यहाँ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं पावन पर्व पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन केवल एक औपचारिक तिथि नहीं है, बल्कि उस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके बल पर भारत ने स्वयं को एक सम्प्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन, 26 जनवरी 1950 को, भारत ने अपने संविधान को अंगीकार कर यह घोषणा की कि इस देश की सत्ता का अंतिम स्रोत उसकी जनता होगी। यह वह क्षण था जब सदियों की दासता के बाद भारत ने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता, बल्कि संवैधानिक स्वराज भी प्राप्त किया।

संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का बोध कराया

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, चेतना और चरित्र का दर्पण है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित यह संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों से जोड़ता है। संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, परंतु उससे भी अधिक हमें हमारे कर्तव्यों का बोध कराया है।

प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि हम केवल शासकीय कार्य नहीं कर रहे, बल्कि हम जनता के सेवक हैं। हमारी हर फाइल, हर नीति और हर निर्णय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा आचरण होना चाहिए। उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, त्याग और सपनों की उपज है। यह उन माताओं की आँखों में बसे सपनों का परिणाम है, जिन्होंने अपने बच्चों को आंदोलन में झोंक दिया। यह उन युवाओं की आहुति का फल है, जिन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया।

सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन, यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि राज्य निर्माण के पच्चीस वर्ष पूर्ण कर चुके उत्तराखंड के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह रजत जयंती के बाद का नवोन्मेषी चरण है, जहाँ हमें अतीत से सीखते हुए भविष्य की नींव और अधिक सशक्त बनानी है। उत्तराखंड सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है। यहीं से योजनाएँ जन्म लेती हैं, यहीं से विकास की दिशा तय होती है और यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है। उन्होंने अपने सिस्टम पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने समर्पण, कर्मठता और कर्तव्यनिष्ठा से राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। चाहे आप नीति निर्माण से जुड़े हों, वित्त प्रबंधन में हों, प्रशासनिक कार्यों में हों या सहायक सेवाओं में हों—हर भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का युग केवल योजनाओं की घोषणा का नहीं, बल्कि परिणामों का युग है। नागरिक यह नहीं पूछते कि योजना बनी या नहीं, वे यह जानना चाहते हैं कि उनके जीवन में क्या परिवर्तन आया।

अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने विगत वर्षों में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएँ, जनकल्याणकारी योजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। फिर भी, हमें यह स्वीकार करना होगा कि सुशासन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें निरंतर आत्ममंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने कर्मचारियों के बिना सफल नहीं हो सकती। सचिवालय का प्रत्येक कर्मी—चाहे अधिकारी हो या सहायक—राज्य की प्रशासनिक मशीनरी का अनिवार्य अंग है। मैं आपको यह आश्वस्त करता हूँ कि शासन आपकी क्षमता-वर्धन, कल्याण और कार्य-संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ कि अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने।

विकसित भारत @2047 का संकल्प हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है, और उत्तराखंड भी इस ऊर्जा से परिपूर्ण है। युवा ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रवाहित हो, तो असंभव को भी संभव बना सकती है। आज प्रशासन में तकनीक केवल सहायक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य उपकरण बन चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शासन को अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बना रहे हैं। हमें तकनीक से डरना नहीं, बल्कि उसे मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ना है। भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है।

संकल्प: उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें स्मरण कराता है कि हम स्वतंत्र हैं, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। हम सुरक्षित हैं, क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं पर डटे हैं। और शासन इसलिए चल रहा है, क्योंकि आप सभी अपना दायित्व ईमानदारी से निभा रहे हैं। इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम संविधान की मर्यादा बनाए रखेंगे, जनता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानेंगे और उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल फ़ैनाई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सभी सचिवगण, अपर सचिवगण, सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

Related Post

AK Sharma

जहां कहीं पर भी विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने में कमियां दिख रही, उसे शीघ्र ही सुधार लें: एके शर्मा

Posted by - March 20, 2025 0
लखनऊ: उत्तर प्रदेश नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा (AK Sharma) ने निर्देशित करते हुए कहा कि गर्मी में…
AK Sharma

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 75वां गणतंत्र दिवस, मंत्री एके शर्मा ने ली परेड की सलामी

Posted by - January 27, 2024 0
मऊ। 75वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मऊ जनपद में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांव से लेकर के…
CM Dhami reached Uttarkashi, took stock of the affected areas

सीएम धामी ने उत्तरकाशी में आपदा नियंत्रण कक्ष से की राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा

Posted by - August 6, 2025 0
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने बुधवार सुबह उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं…