Natural Farming

प्राकृतिक खेती के विकास की बुनियाद बनेंगे गोवंश

202 0

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की मंशा है कि उत्तर प्रदेश, देश में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) का हब बने। इसके लिए वह हर मुमकिन मंच से इसकी पुरजोर पैरवी करते हैं। वह किसानों को भारतीय कृषि की इस परंपरागत कृषि पद्धति को तकनीक से जोड़कर और समृद्ध करने की बात भी करते हैं। इसके लिए उनकी सरकार किसानों को कई तरह की सुविधाएं भी दे रही है। गंगा के तटवर्ती गांवों और बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती पर सरकार का खासा जोर है।

निराश्रित गोवंशों की भी होगी महत्वपूर्ण भूमिका

सरकार की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक खेती (Natural Farming) की तरक्की की बुनियाद बनेंगे गोवंश। निराश्रित गोवंशो की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस खेती के और भी लाभ होंगे। मसलन, जहरीले रासायनिक खादों और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं होने से क्रमशः जन, जमीन और जल की सेहत सुधरेगी। इनके न प्रयोग होने से किसानों की खेती की लागत कम होगी। उत्पाद प्राकृतिक होने से किसानों को अपने उत्पाद के दाम भी अच्छे मिलेंगे। वैश्विक महामारी कोरोना के बाद पूरी दुनिया स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुई है। हर जगह ऐसे उत्पादों की मांग बढ़ी है। मांग बढ़ने से इनके दाम भी अच्छे मिलेंगे।

निर्यात बढ़ाने में भी मददगार होंगे प्राकृतिक कृषि (Natural Farming) उत्पाद

मालूम हो कि प्रदेश का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। सात वर्षों में यह बढ़कर दोगुना हो गया है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 2017-2018 में उत्तर प्रदेश का निर्यात 88 हजार करोड़ रुपये था। 2023-2024 में यह बढ़कर 170 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ने से अन्नदाता किसान खुशहाल होंगे। खास बात यह है कि प्राकृतिक खेती से जो भी सुधार होगा वह टिकाऊ (सस्टेनेबल), ठोस और स्थायी होगा।

योगी सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री (CM Yogi) का गोवंश के प्रति प्रेम जगजाहिर है। वह अपने पहले कार्यकाल से ही गोवंश के संरक्षण पर जोर दे रहे हैं। इस बाबत निराश्रित गोवंश के लिए गोआश्रय खोले गए। प्रति पशु के अनुसार भरण पोषण के लिए पैसा भी दिया जाता है। चंद रोज पहले पेश किए गए अनुपूरक बजट में भी इस बाबत 1001 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री की मंशा इन गोआश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने की है। ऐसा तभी संभव है जब इनके गोबर और मूत्र को आर्थिक रूप से उपयोगी बनाया जाय। इसके लिए समय-समय पर सरकार स्किल डेवलपमेंट का भी कार्यक्रम चलाती है। साथ ही मनरेगा के तहत भी पशुपालकों को सस्ते में कैटल शेड, पशु बाड़ा और गोबर गैस लगाने की सहूलियत दी जा रही। मिनी नंदिनी योजना भी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को ही ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें भी योगी सरकार कई तरह के अनुदान दे रही है।

Related Post

Kejriwal

पीएम मोदी के बयान पर बोले केजरीवाल- बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना रेवड़ियां बांटना नहीं

Posted by - July 16, 2022 0
नई दिल्ली: यूपी में आज बुंदेलखंड एक्‍सप्रेसवे उद्घाटन के बाद पीएम मोदी द्वारा मुफ्त में रेवड़ियां बांटने वाले बयान पर…
oxygen Destribution set in CM office

 मुख्यमंत्री कार्यालय में बना ऑक्सीजन कंट्रोल रूम, जिलों में सप्लाई पर चौबीस घंटे नजर

Posted by - April 28, 2021 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन सप्लाई (Oxygen Supply) पर चेक रखने और मॉनिटरिंग करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM…
Neha Sharma

प्लास्टिक प्रयोग के रोक हेतु 25 अगस्त से वृहद स्तर पर चलाया जा रहा ’ARAMBH’ अभियान

Posted by - August 30, 2022 0
लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक (100 माइक्रॉन से कम ) पर लगाए गए प्रतिबंध को प्रदेश के सभी…
road safety

यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा, परिवहन विभाग ने स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर

Posted by - January 27, 2026 0
लखनऊ। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क…