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हरतालिका तीज की जानें पूजा विधि और महिलाएं क्यों रखती हैं यह व्रत

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लखनऊ डेस्क। हरितालिका तीज सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन निर्जला व्रत रहती हैं। इस त्योहार को हर साल भाद्र पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस साल 1 सितंबर यानी आज हरितालिका तीज मनाई जाएगी।

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आपको बता दें हरितालिका तीज के दिन विधि विधान से शिवजी और पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत की पूजा प्रदोषकाल में किया जाता है। अपने पूजा स्थान पर चौकी रखें, उस पर माता पार्वती, शिव जी और गणेश जी को स्थापित करें। फूल और श्रृंगार का समान चढ़ाकर पार्वती जी को वस्त्र भी दान करें। इस दिन कथा सुनने का बहुत महत्व होता है। पूजा करने के बाद महिलाओं के साथ बैठकर कथा सुनें।

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जानकारी के मुताबिक इस व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है। पूरे दिन निर्जला रहने के बाद अगले दिन जल ग्रहण किया जाता है। अगर एक बार आप इस व्रत को करना शुरू कर देते हैं तो इसे दोबारा छोड़ा नहीं जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं तथा कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं और पूजा के दौरान मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, आदि। इसके अलावा श्रीफल, कलश, अबीर, चंदन, घी-तेल, कपूर, कुमकुम और दीपक का प्रयोग किया जाता है।

 

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