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इजरायली सॉफ्टवेयर के जरिए भारत में नेताओं एवं पत्रकारों के फोन हैक, सरकार पर जासूसी का आरोप

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इजरायली स्पाईवेयर पेगासस की मदद से भारत में मंत्रियों, विपक्षी नेताओं एवं पत्रकारों के फोन हैक करने की बड़ी खबर सामने आने से देश में हड़कंप मच गया है। रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक हिन्दुस्तान टाइम्स, इंडिया टुडे, नेटवर्क 18, द हिन्दू एवं इंडियन एक्सप्रेस के बड़े पत्रकारों को निशाना बनाया गया। दॉ वायर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पेगासस की मदद से 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले भी इनमें से ज्यादातर लोगों को निशाना बनाया गया था।

इस खबर के सामने आते ही सरकार बचाव में उतर गई, सरकार ने खुद के हैकिंग में शामिल होने से इंकार किया, कहा- ऐसी हैकिंग में हमारी निगरानी नहीं है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंंह ने कहा- उम्मीद करता हूं कि जिन्होंने रिपोर्ट छापी है वह मोदी-शाह के दबाव में नहीं आएंगे, उनके कहने का मतलब था कि बदलेंगे नहीं। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है। हालांकि सरकार ने अपने स्तर से खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है. सरकार ने कहा, ‘इससे जुड़ा कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है।’

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रिपोर्ट को भारत के न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ के साथ-साथ वाशिंगटन पोस्ट, द गार्डियन और ले मोंडे सहित 16 अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों द्वारा पेरिस के मीडिया गैर-लाभकारी संगठन फॉरबिडन स्टोरीज और राइट्स ग्रुप एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा की गई एक जांच के लिए मीडिया पार्टनर के रूप में प्रकाशित किया गया था। यह जांच दुनिया भर से 50,000 से अधिक फोन नंबरों की लीक हुई सूची पर आधारित है और माना जाता है कि इजरायली निगरानी कंपनी एनएसओ ग्रुप के पेगासस सॉफ्टवेयर ( Pegasus software) के माध्यम से संभवतया इनकी हैकिंग की गई है।

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