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लॉकडाउन में खूब चमक रहा है सोना, जानें कहां तक पहुंचेगी कीमत?

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नई दिल्ली। देश में 25 मार्च से देशभर में जारी लाकॅडाउन के चार चरणों में सोने की कीमतों ने पहले, तीसरे और चौथे चरण में कई रिकार्ड कायम किए हैं।

25 मई से 14 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन 1.0 में 24 कैरेट सोने का भाव 2610 रुपये उछला तो वहीं दूसरे चरण में सोने की चमक फीकी रही। 14 अप्रैल से 3 मई के बीच सोना केवल 121 रुपये ही चढ़ पाया, लेकिन तीसरे चरण यानी लॉकडाउन 3.0, जो 3 मई से 17 मई तक था, उसमें एक बार फिर सोने ने उड़ान भरी और कुल 1154 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला। 18 मई से 31 मई तक लॉकडाउन 4.0 लागू है।

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अभी इसमें एक सप्ताह से अधिक का समय है, लेकिन सोना 22 मई तक 794 रुपये तक उछल चुका है। वैसे इस साल जनवरी से 22 मई तक सोना करीब 7000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है।

लॉकडाउन में सोना की कीमतों में कई रिकॉर्ड बने और टूटे

पहली बार सोना 9 अप्रैल को 45201 रुपये के नए शिखर पर पहुंच गया। चार दिन बाद यह रिकॉर्ड टूट गया और 13 अप्रैल को सोना पहुंच गया 46034 रुपये प्रति दस ग्राम पर। सोने ने इस दिन ऑल टाइम नया कीर्तिमान स्थापित किया, लेकिन 15 अप्रैल को यह भी ध्वस्त हो गया। सोना 46534 रुपये प्रति 10 ग्राम के एक और नए शिखर पर पहुंच गया। यह भी रिकॉर्ड अगले ही दिन 16 अप्रैल को टूट गया और 10 ग्राम गोल्ड की कीमत हो गई 46928 रुपये। इसके बाद 15 मई को सोना 47067 रुपये पर पहुंचकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसके बाद 17 मई को 47861 रुपये पहुंच कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया।

इस माह 50 हजार रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच सकता सोना

कोरोना संकट गहराने के साथ अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते कारोबारी तनाव से सोने का भाव इसी महीने 50 हजार रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना के प्रकोप से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है। वहीं अमेरिका और चीन के बीच फिर व्यापारिक तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे निवेशकों का सोने के प्रति रुझान बढ़ा है।

सोना बना संकट का साथी

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि कोरोनावायरस के प्रकोप से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है। वहीं अमेरिका और चीन के बीच फिर व्यापारिक तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे निवेशकों का रुझान निवेश के सुरक्षित साधन सोने के प्रति बढ़ गया है। वहीं, एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि सोना इस समय निवेशकों का पसंदीदा निवेश का उपकरण है क्योंकि सोना संकट का साथी होता है।

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