Site icon News Ganj

योगी सरकार ने लखनऊ को बनाया वर्ल्डक्लास सिटी: रक्षा मंत्री

Rajnath Singh

Rajnath Singh

लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का शुक्रवार को लोकार्पण करते हुए कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास केवल कागज का विषय नहीं रह गया है बल्कि प्रदेशवासियों के जीवन में दिख रहा है। इस परियोजना से लखनऊ के करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में आसानी होगी, जाम से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईएम रोड से आउटर रिंग रोग तक 28 किमी के इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाने में लगभग 7000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाते समय रास्ते में आने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा वृक्षों को काटा नहीं गया बल्कि उन्हें दूसरी जगह पर स्थानांतरित किया गया। यह अपने आप में पर्यारवण की रक्षा के लिए मिसाल है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना में सेना की जमीन का भी उपयोग हुआ है। इस परियोजना में सिविल और रक्षा क्षेत्र दोनों ने मिलकर काम किया है। जमीन आवंटन को लेकर कुछ चुनौतियां थीं जिसे आपसी तालमेल से निबटाया गया। जब सिविल और डिफेंस साथ में मिलकर काम करते हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।

रक्षामंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ की तहजीब के साथ-साथ विकास की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। विदेश में रहने वाले भारतवंशी जब लखनऊ आते हैं, तो यहां के विकास को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। विदेश में जब भारत के लोगों से मिलता हूं तो वे यहां के विकास की प्रशंसा करते हैं। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा दिया है यानि अब यह शहर खान-पान की श्रेणी में भी अव्वल हो गया है। विश्व के समृद्ध खानपान की सूची में लखनऊ को स्थान प्राप्त होना गौरव का विषय है। लखनऊ अब दुनिया की ‘मोस्ट लिवएबल सिटी’ यानि यह दुनिया के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां रहने के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल गया है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि योगी जी को बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। योगीजी ने माफिया और गुंडों के घरों पर बुलडोजर चलवाकर जमीन मुक्त करवाई और उस पर विकास का कार्य किया है। बुलडोजर केवल तोड़ता नहीं है बल्कि विकास की जमीन भी तैयार करता है। कुछ ही दिनों में 62 किमी का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे बन जाने से कानपुर का सफर लोग 35 से 45 मिनट में तय कर लेंगे। इस एक्सप्रेस वे के बनने से लखनऊ की इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

रक्षमंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसकी वजह से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की भी स्थापना की गई है। यहां कई सारी डिफेंस फैसिलिटी भी स्थापित की गई है। अब ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी भी उत्तर प्रदेश में होगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि कैसे ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के आतंकवादी खेमों में तबाही मचा दी थी। यहां की ब्रह्मोस से आंतकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया था। पाकिस्तान के आतंकी अब 10 बार सोचेंगे कि भारत पर आक्रमण करना चाहिए कि नहीं। लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जो भूमिका निभा रहा है उसको देखकर मुझे गर्व होता है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए लखनऊ अपने यहां से सैनिक और संसाधन भेजता है। आप लोगों ने अपना सांसद भेजा है, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहा है।

रक्षामंत्री (Rajnath Singh) ने बताया कि योगी जी पूरे उत्तर प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी ध्यान दे रहे हैं। हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है। लखनऊ स्वच्छता के मामले में कीर्तिमान बना रहा है। सीवेज सिस्टम को सुधारा जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में लखनऊ को पूरे देश मे तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। लखनऊ के विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच एमओयू भी साइन हुआ है। इससे लखनऊ का वैज्ञानिक तरीके से विकास होगा। एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ में स्टेट कैपिटल रीजन भी विकसित किया जा रहा है। इसका श्रेय भी मुख्यमंत्री योगी को जाता है। लखनऊ को लक्ष्मणनगरी के नाम से जाना जाता था। मुख्यमंत्री ने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विकास के माध्यम से शहरवासियों का मान बढ़ाया है।

रक्षामंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी हाल में सिंगापुर-जापान दौरे पर अपने गेरुआ वस्त्र में गए और खानपान भी वही रखा जो यहां था। विदेश जाने पर कुछ लोग अपना रंग बदल लेते हैं लेकिन योगीजी ने अपना रंग नहीं बदला बल्कि केसरिया रंग को और पक्का करके आए हैं। विदेश से आने के बाद वह अपना जो अनुभव लेकर आए हैं उससे लखनऊ का और तेजी से विकास होगा। जापान अपनी टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है जिसका फायदा अर्बन प्लानिंग में मिलेगा।

Exit mobile version