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यूपी कैबिनेट निर्णय: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम होगा ‘परशुरामपुरी’

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा/नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय के साथ राज्य सरकार ने नगर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप उसका नाम परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट के इस निर्णय से जनपद शाहजहांपुर के नगर जलालाबाद को ‘परशुरामपुरी’ के रूप में नई आधिकारिक पहचान प्राप्त होगी। अधिसूचना जारी होने के बाद नाम परिवर्तन का निर्णय प्रभावी हो जाएगा।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव में जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कस्बा जलालाबाद का नाम ‘परशुरामपुरी’ किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव पर विचार करने के उपरांत मंत्रिपरिषद ने इसे स्वीकृति प्रदान कर दी। इस निर्णय के बाद संबंधित विभाग द्वारा नाम परिवर्तन के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद सभी शासकीय अभिलेखों, विभागीय दस्तावेजों तथा अन्य आधिकारिक अभिलेखों में नगर का नाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिवर्तित किया जाएगा।

भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है जलालाबाद-

जनपद शाहजहांपुर स्थित नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत कस्बा जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं एवं विभिन्न ग्रंथों में भी इस स्थान का प्रमुखता से उल्लेख मिलता है। इसी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से नगर का नाम भगवान परशुराम के नाम पर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने की मांग की जा रही थी। भारत सरकार द्वारा भी इस प्रस्ताव पर अनापत्ति प्रदान किए जाने के बाद राज्य सरकार ने नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा खेल गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहन, खेल अवसंरचना के विकास तथा खेलों के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक प्राप्ति में निरंतर वृद्धि हुई है। इसी के दृष्टिगत खिलाड़ियों के सेवायोजन के लिए वर्तमान नियमावली में शामिल पदों एवं उनकी संख्या को और पर्याप्त बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की गई।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार संशोधित नियमावली के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों के चिह्नित पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। ये नियुक्तियां लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रहेंगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सेवायोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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